टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 के पहले मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन से अक्षर पटेल बाहर रहे. भारतीय टीम मैनेजमेंट ने साउथ अफ्रीका के टॉप ऑर्डर में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के होने की वजह से वाशिंगटन सुंदर को तवज्जो दी. लेकिन यह दांव कारगर नहीं रहा. सुंदर को साउथ अफ्रीका के टॉप ऑर्डर के सामने बॉलिंग का मौका ही नहीं मिला. इसके बाद सवाल उठे कि किसी टीम का उपकप्तान कैसे प्लेइंग इलेवन से बाहर रह सकता है. कप्तान और उपकप्तान तो ऐसे खिलाड़ी होते हैं जिनकी प्लेइंग इलेवन में जगह पक्की होती है.
गौतम गंभीर के टीम इंडिया का हेड कोच बनने के बाद से देखा गया है कि जो भी खिलाड़ी उपकप्तान बनता है उसकी जगह खतरे में पड़ जाती है. अक्षर पटेल से पहले ऐसा हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल के साथ टी20 फॉर्मेट में हो चुका है. 2024 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान हार्दिक भारत के उपकप्तान थे. इस बात की पूरी संभावना थी कि इस फॉर्मेट में वे ही भारत के अगले कप्तान होंगे. लेकिन जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ तो हार्दिक की छुट्टी हो गई. सूर्यकुमार यादव भारत के नए टी20 कप्तान बनाए गए. हार्दिक उपकप्तान की भूमिका को भी बरकरार नहीं रख पाए.
शुभमन गिल उपकप्तान बने और टीम से बाहर
सूर्या 2024 के बाद से लगातार भारत की टी20 में कमान संभाल रहे हैं. वहीं हार्दिक एक सामान्य खिलाड़ी के रूप में खेल रहे होते हैं. साल 2025 में एशिया कप से शुभमन गिल भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान बने. इसके बाद लगातार तीन-चार सीरीज में वे इस भूमिका में खेले. मगर जब टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ तो शुभमन स्क्वॉड से ही गायब हो गए. उन्हें कमजोर प्रदर्शन के चलते बाहर का रास्ता दिखाया गया.
अक्षर पटेल लगातार दो मैच नहीं खेले
तब अक्षर पटेल को टी20 वर्ल्ड कप के लिए सूर्या का डेप्युटी नियुक्त किया गया. भारत ने नीदरलैंड्स के साथ अपना आखिरी ग्रुप मैच खेला. इसमें अक्षर को बाहर कर वाशिंगटन सुंदर को खिलाया गया. तब समझा गया कि सुपर 8 से पहले सभी खिलाड़ियों को मैच का अनुभव कराया जा रहा है. लेकिन सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच से अक्षर फिर बाहर रहे. कप्तान सूर्या ने टॉस के समय कहा कि यह मुश्किल फैसला था और अक्षर के साथ सख्ती हुई लेकिन रणनीति के चलते ऐसा किया गया है.

