अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के चलते टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुकी टीमों के लौटने पर संकट मंडरा गया. इसके चलते इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) एक्शन में आ गई. उसने खिलाड़ियों के भेजने के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश शुरू कर दी. आमतौर पर जब भी भारतीय उपमहाद्वीप में जब विदेशी टीमें खेलने आती हैं तब दुबई उनका रास्ता होता है. लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी से युद्ध छिड़ने के चलते दुबई के रास्ते से बचा जा रहा है. इसकी जगह दूसरे रास्तों की तरफ देखा जा रहा है.
आईसीसी ने 28 फरवरी को कहा कि खाड़ी देशों में जिस तरह से हालात बदले हैं उस पर करीबी नज़र रखी जा रही है. टी20 वर्ल्ड कप से जुड़े सभी हिस्सेदारों के सुरक्षित सफर के लिए विस्तृत प्लान बनाया जा रहा है. अभी तक टूर्नामेंट पर इस युद्ध का सीधा असर पड़ा नहीं है. लेकिन खिलाड़ी, टीम मैनेजमेंट, मैच अधिकारी, ब्रॉडकास्ट टीम और स्टाफ अपने घरों को लौटने के लिए दुबई के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं.
आईसीसी ने अमेरिका-ईरान युद्ध के असर पर क्या कहा
आईसीसी प्रवक्ता ने बताया, 'हमारे इवेंट से जुड़े हरेक शख्स की सुरक्षा और कुशलता आईसीसी की सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमने अपनी ट्रेवल, लॉजिस्टिक्स और सिक्योरिटी टीमों को जुटा लिया है और वे दिनभर काम करते हुए यह तय कर रहे हैं कि सभी लोग सुरक्षित घर लौट जाएं और कम से कम बाधा पहुंचे. हम टी20 वर्ल्ड कप में आए और आने वाले फैंस से भी अपील करते हैं कि वे करीबी नज़र रखें और सफर करने से पहले सभी एडवायजरी का पालन करें.'
बड़ी एयरलाइंस के साथ काम कर रही आईसीसी
आईसीसी की ट्रेवल व लॉजिस्टिक्स टीम सभी बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ काम कर रही है जिससे कि सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते तलाशे जा रहे हैं. इनके तहत यूरोप, दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्वी एशिया के रास्ते देखे जा रहे हैं. आईसीसी सुरक्षा सलाहकार संबंधित अधिकारियों के साथ बात कर रहे हैं और जैसे स्थिति बनेगी उस हिसाब से रियल टाइम सलाह जारी की जाएगी. आईसीसी ट्रेवल सपोर्ट डेस्क को भी तैयार किया गया है.

