भारत और न्यूजीलैंड की टीम रविवार को अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में उस ट्रॉफी को उठाने के लिए टकराएगी, जिसे बनाने से डिजाइन ने मना कर दिया था. भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला जाएगा और फाइनल जीतने वाली टीम चांदी से बनी चमचमाती ट्रॉफी उठाएगी. जयपुर में बनी टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को जाने माने डिजाइनर अमित पाबूवाल ने डिजाइन किया था. पाबूबाल ने इस ट्रॉफी के डिजाइन के पीछे की दिलचस्प कहानी का खुलासा किया.
कांच के हिस्से बार-बार टूटे
पाबूवाल ने बताया कि आईसीसी की योजना थी कि ट्रॉफी टाइटेनियम और कांच के संयोजन से बनें. इसमें कुछ हिस्से धातु के और कुछ हिस्से कांच के हों, जिससे कि टी20 क्रिकेट की तेज और आधुनिक शैली को दिखाया जा सके. पाबूवाल ने बताया कि इसके लिए कई डिजाइन तैयार किए गए, लेकिन धातु संरचना के साथ जोड़ते समय कांच के हिस्से बार-बार टूट जाते थे. इन दोनों सामग्रियों को एक साथ जोड़ना तकनीकी रूप से बहुत कठिन साबित हुआ. काफी प्रयोगों के बाद उन्होंने आईसीसी को सलाह दी कि यह संयोजन तकनीकी रूप से ठीक नहीं है. ट्रॉफी बन नहीं पाएगी.
दूसरी कंपनी भी फेल
उन्होंने आगे कहा कि उस समय स्वारोवस्की कंपनी ने आईसीसी को आश्वासन दिया कि वे इस डिजाइन को सफलतापूर्वक बना सकते हैं. इसके बाद स्वारोवस्की कंपनी ने ट्रॉफी बनाने की कोशिश की, लेकिन वह भी फेल रहे. पाबूवाल ने बताया कि इसके बाद आईसीसी ने फिर से उनसे संपर्क किया. आईसीसी का कहना था कि इस ट्रॉफी का डिजाइन अन्य ट्रॉफी से अलग हो और दिखने में आधुनिक हो. इसके बाद ट्रॉफी के डिजाइन में सुधार के बाद चांदी से ट्रॉफी बनाई गई, जिस पर प्लेटिनम की परत चढ़ाई गई. इस तरह से ट्रॉफी टिकाऊ, आकर्षक और इंटरनेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट के योग्य वर्ल्ड क्लास रूप में तैयार हुई.

