पार्किंग में सीखा क्रिकेट, टैक्सी चलाई, ट्रक ड्राइविंग का लिया लाइसेंस, अब T20 World Cup में मिला खेलने का मौका

इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह. (Photo: Getty)
इटली के तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह. (Photo: Getty)

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जसप्रीत सिंह अभी तक इटली की ओर से 29 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं.

जसप्रीत सिंह ने इंग्लैंड में क्रिकेट का मांजा और इस दौरान उबर भी चलाई.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के जरिए कई ऐसे खिलाड़ियों को दुनिया के सामने अपने खेल को दिखाने का मौका मिला जिन्हें आमतौर पर बहुत कम मौके मिलते हैं. ऐसा ही एक नाम रहा तेज गेंदबाज जसप्रीत सिंह का. वे इटली की तरफ से टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेले. जसप्रीत सिंह भारत में पैदा हुए लेकिन पिता के इटली चले जाने के बाद वे भी वहां गए और आगे चलकर खेलने लगे. जसप्रीत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दो मैच खेले और एक विकेट लिया. वे नेपाल और इंग्लैंड के सामने मुकाबले में उतरे.

जसप्रीत का संबंध पंजाब के फगवाड़ा जिले के धनद्वार गांव से हैं. जब वह 3 साल के थे तब उनके पिता तीरथ सिंह बेहतर जिंदगी की तलाश में विदेश चले गए. 13 की उम्र में जसप्रीत भी पिता के पास इटली गए. उनके पिता बेबी स्ट्रॉलर्स (बच्चों को घुमाने वाली कुर्सी) बनाने वाली कंपनी में काम करते थे. जसप्रीत को शुरू में इटैलियन भाषा के चलते समस्या हुई. इसकी वजह से वह साथी बच्चों से भी बात नहीं कर पाते थे. इटली में तब क्रिकेट का कल्चर नहीं था और इस वजह से जसप्रीत यह खेल पार्किंग में ही खेल पाते थे. तब तक इटली में टर्फ विकेट भी नहीं होते थे.

जसप्रीत सिंह ने टेप लगी टेनिस बॉल से खेला क्रिकेट

 

जसप्रीत टेप लगी टेनिस गेंद से ही खेला करते थे. इटली में फुटबॉल की धूम थी और वह भी इस खेल से जुड़ गए. वह स्कूल और गांव की फुटबॉल टीम की तरफ से खेले. एक दोस्त ने बाद के सालों में जब उनसे कहा कि पहले तो क्रिकेट खेलते थे तो अब फुटबॉल क्यों खेलते हो. तब जसप्रीत फिर से क्रिकेट की तरफ लौटे. उन्होंने क्रिकेट क्लब्स की तलाश की और अपनी सीम बॉलिंग से सबको प्रभावित किया. 2019 में उन्होंने इटली में टी20 इंटरनेशनल और लिस्ट ए डेब्यू किया.

इंग्लैंड में जसप्रीत ने चलाई टैक्सी, लिया ट्रक लाइसेंस

 

जसप्रीत तीन साल पहले इंग्लैंड गए और वहां पर बर्मिंघम लीग में खेलने लगे. यहां खेलने से उन्हें काफी अनुभव मिला. लेकिन जसप्रीत का खेल तो सुधर रहा था लेकिन आर्थिक स्थिति बिगड़ रही थी. तब उन्होंने उबर ड्राइवर के तौर पर काम किया. साथ ही अगर क्रिकेट में भविष्य नहीं बने तो करियर बनाने के लिए ट्रक ड्राइविंग का लाइसेंस भी ले लिया. लेकिन खेल में सुधार की वजह से उन्हें इटली की टीम में जगह मिली और वे वर्ल्ड कप में खेले.