महेंद्र सिंह धोनी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को सबसे खतरनाक टीमों में से एक माना है. लेकिन उन्होंने टीम के खिताब बचाने की संभावनाओं को लेकर एक चिंता जाहिर की है. एमएस धोनी का कहना है कि ओस की वजह से हालात बदल जाते हैं और फिर टॉस अहम हो जाता है. भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खेलने उतरेगी. उसका पहला मैच अमेरिका के साथ 7 फरवरी को है. भारत अभी इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन है.
धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में पहली बार खेले गए टी20 वर्ल्ड कप को जीतकर इतिहास रचा था. उनके नेतृत्व में बाद में टीम इंडिया 2014 के एडिशन के फाइनल तक पहुंची थी. धोनी ने एक कार्यक्रम के दौरान टीम इंडिया की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'यह सबसे खतरनाक टीमों में से एक है. वे लोग बॉलिंग या बैटिंग शुरू कर चुके होंगे. एक अच्छी टीम में क्या होना चाहिए? उनके पास सब है. उनके पास अनुभव है. अगर इस फॉर्मेट की बात की जाए तो काफी अनुभव है. वे दबाव में रहकर खेल चुके हैं. इस टीम में जो भी खिलाड़ी जिस भी भूमिका में खेल रहा है वह उस तरह से काफी समय से खेल रहा है.'
धोनी को सता रहा ओस का डर
टी20 वर्ल्ड कप 2026 फरवरी-मार्च के महीने में होना है. इस दौरान रात के समय ओस गिरती है जिससे बॉलिंग करना मुश्किल हो जाता है. धोनी ने इसी को लेकर आगाह किया. उन्होंने कहा,
मुझे किस बात का डर है? मुझे ओस से नफरत है. ओस से काफी कुछ बदल जाता है. जब मैं खेल रहा था तब मैं ओस से डरा करता था. फिर टॉस अहम हो जाता है. अगर हम दुनिया की बेस्ट टीमों के सामने 10 मैच खेलते हैं तो ज्यादातर बार जीत जाएंगे. ऐसा तब होगा जब हालात समान रहते हैं.
धोनी ने आगे कहा, 'समस्या तब होती है जब आपकी टीम के एक या दो खिलाड़ी नहीं चलते और विरोधी टीम से कोई बहुत जबरदस्त खेल जाए. टी20 में ऐसा हो सकता है. ऐसा लीग स्टेज में होगा या नॉकआउट्स में, वहां पर दुआओं की जरूरत होगी. किसी को चोट न लगे, जिसको जो काम मिला है वह करे, मैं नज़र नहीं लगाना चाहता लेकिन यह सबसे खतरनाक टीमों में से है.'

