सूर्यकुमार यादव की ‘खतरनाक रणनीति’ पर सवाल, साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ सावधान रहने की मिली सलाह

सूर्यकुमार यादव का एंकर रोल निभाना खतरा. (PC: Getty)
सूर्यकुमार यादव का एंकर रोल निभाना खतरा. (PC: Getty)

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सूर्यकुमार यादव का एंकर रोल निभाना खतरा.

बीच के ओवरों में बाउंड्री नहीं लगा पाने के लिए आलोचना.

सूर्यकुमार यादव पिछले साल T20I में भले ही रन नहीं बना पाए हो, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय कप्तान अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं. उन्होंने T20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत सबसे अच्छे तरीके से की. USA के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाकर वानखेड़े स्टेडियम में टीम को मुश्किल से निकाला और जीत दिलाई. उन्होंने स्थिति के हिसाब से खुद को ढाला और उसी के हिसाब से खेले. तब भी जब इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत थी. 

बाउंड्री नहीं लगा पाने के लिए आलोचना

भारत रविवार को अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच के साथ अपने सुपर 8s कैंपेन की शुरुआत करेगा. डिफेंडिंग चैंपियन ने अपने सभी ग्रुप-स्टेज मैच जीते, लेकिन बैटिंग को लेकर काफी आलोचना हो रही है. सूर्या और तिलक दोनों की बीच के ओवरों में बाउंड्री नहीं लगा पाने के लिए भी आलोचना हुई है. यही बात अब मांजरेकर ने भी कही है.

सूर्या की कौनसी बात मांजरेकर नहीं आई पसंद 

इंस्टाग्राम पर शेयर किए एक वीडियो में मांजरेकर का कहना है कि सूर्यकुमार यादव में उन्हें कुछ ऐसा दिख रहा है, जो उन्हें ज्यादा पसंद नहीं आ रहा है. वानखेड़े में अमेरिक के खिलाफ भारत का स्कोर 77/6 था और सूर्यकुमार को अपना गेम बदलना पड़ा, जो उन्होंने बहुत अच्छे से किया. बस थोड़ा धीमा किया और फिर जबरदस्त खेले और शानदार स्कोर बनाया, प्लेयर ऑफ द मैच और सब कुछ. मांजरेकर ने आगे कहा कि तब से उन्हें लगता है कि वह इसे थोड़ा ज्यादा आगे ले जा रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ जब भारत ने कुछ विकेट खो दिए तो उन्होंने सच में बहुत ज़्यादा शटर गिरा दिए. 

T20 क्रिकेट में  खतरनाक

पूर्व भारतीय बल्लेबाज का कहना है कि सूर्या और तिलक दोनों थोड़े परंपरागत तरीके से खेल रहे हैं और आखिर में, होता यह है कि हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे और रिंकू सिंह जैसे प्लेयर्स का उतना इस्तेमाल नहीं हो पाता. मांजरेकर का कहना है कि T20 क्रिकेट में ऐसा करना खतरनाक होता है, जब किसी सीनियर खिलाड़ी या कप्तान को लगता है कि उसे टिके रहना है, खासकर पहले बैटिंग करते समय. उन्होंने आगे कहा कि अगर कप्तान ने यह तय कर लिया होता कि बैटिंग करते समय उन्हें सावधान रहने की ज़रूरत है और वह एक्युमुलेटर की भूमिका निभाने लगते, तो टीम के लिए संकेत अच्छे नहीं होते. उन्होंने आगे कहा कि सूर्या को अपने बाद के बल्लेबाजों पर भरोसा करना चाहिए.