अफगानिस्तान में जन्मा, रिफ्यूजी की तरह पहुंचा ब्रिटेन, अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलने से चूका, अब खेल रहा टी20 विश्व कप

अफगानिस्तान में जन्मा, रिफ्यूजी की तरह पहुंचा ब्रिटेन, अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलने से चूका, अब खेल रहा टी20 विश्व कप
जैनुल्लाह एहसान. (Photo: Getty)

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जैनुल्लाह एहसान अभी तक स्कॉटलैंड की तरफ से सीनियर लेवल पर कोई मैच नहीं खेल पाए हैं.

जैनुल्लाह एहसान अभी तक स्कॉटलैंड को 2022 में स्कॉटलैंड ने रिफ्यूजी का दर्जा दिया.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के जरिए अफगानिस्तान में जन्मे एक खिलाड़ी का वैश्विक टूर्नामेंट में खेलने का सपना पूरा हो रहा है. इस खिलाड़ी को तालिबान के चलते घर छोड़ना पड़ा था और रिफ्यूजी की तरह ब्रिटेन जाना पड़ा था. यह खिलाड़ी है स्कॉटलैंड की तरफ से खेल रहे जैनुल्लाह एहसान. वे 19 साल के हैं और उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 की स्कॉटलैंड स्क्वॉड में शामिल किया गया है. उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस टूर्नामेंट के जरिए स्कॉटिश टीम की तरफ से इंटरनेशनल डेब्यू करेंगे.

एहसान को 2022 में ही स्कॉटलैंड की तरफ से रिफ्यूजी का दर्जा मिला. वे 2024 तक इस टीम की ओर से अंडर 19 क्रिकेट में खेल रहे थे. वे इसी टीम की तरफ से 2026 अंडर 19 वर्ल्ड कप खेलने के दावेदार थे. लेकिन वे स्कॉटलैंड की तरफ से खेलने की योग्यता हासिल नहीं कर पाए थे. इसके चलते वे चूक गए. लेकिन अब सीधे सीनियर टीम में उन्हें जगह मिली. एहसान ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा, 'किस्मत तुम खुद बनाते हो. अल्लाह किस्मत नहीं बना देता.'

एहसान ने टेप बॉल से खेलना किया शुरू

 

एहसान ने टेप बॉल के साथ खेलना शुरू किया था. उन्होंने इस बारे में कहा, 'पहले मैं अफगानिस्तान में टेप बॉल से खेला करताा था. इसके बाद स्कॉटलैंड गया और वहां पर पार्क में अपने बड़े भाई के साथ खेलने लगा. वहां पर भाई के दोस्तों के साथ खेलता था. उन्होंने मुझसे कहा कि क्लब का हिस्सा बन जाओ. तुम अच्छा खेलते हो.' 

बॉलिंग देखकर सीधे क्लब में मिली जगह

 

एहसान इसके बाद ग्लास्गो के जीएचके क्रिकेट क्लब गए. उन्होंने कहा, 'वहां पर कोच ने मुझसे कहा कि जाओ और बैटिंग करो. फिर बॉलिंग की और उन्होंने कहा कि तुम्हारा सामना करना मुश्किल है. तब उन्होंने फ्री में मुझे क्लब की सदस्यता दे दी. चार मैच में 16 विकेट लेने के बाद मुझे सीधे उनकी पहली टीम में जगह मिल गई. इसके अगले साल मैंने 27-28 विकेट लिए और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला गेंदबाज रहा. इसके बाद मुझे नेशनल टीम में जगह दी गई.'