टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए स्कॉटलैंड स्क्वॉड का ऐलान हो गया. बांग्लादेश की जगह लेने वाली इस टीम ने रिची बेरिंगटन की कप्तानी में टीम चुनी. लेकिन इसमें तेज गेंदबाज स्कॉट करी का नाम शामिल नहीं था. इस खिलाड़ी को एक टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में इंग्लैंड के लिए सब्सटीट्यूट फील्डर के तौर पर मैदान में उतरना भारी पड़ गया. इससे स्कॉटलैंड के लिए खेलने की उनकी योग्यता खत्म हो गई. नतीजतन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का मौका हाथ से जाता रहा. वहीं इंग्लिश टीम में भी उनकी जगह नहीं बन सकी.
करी ने 2024 में वर्ल्ड क्रिकेट डिवीजन दो में स्कॉटलैंड के लिए तीन वनडे मुकाबले खेले थे. इनमें उन्हें तीन विकेट मिले थे. जब स्कॉटलैंड की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही तो उन्होंने इंग्लैंड की तरफ से खेलने पर ध्यान लगाया. वे काउंटी क्रिकेट में हैंपशर के लिए खेले. साल 2025 की गर्मियों में इंग्लैंड की जब आयरलैंड से टी20 सीरीज थी तब स्कॉट करी को साकिब महमूद के रिप्लेसमेंट के तौर पर चुना गया.
स्कॉट करी 3 साल तक स्कॉटलैंड के लिए नहीं खेल पाएंगे
करी को हालांकि खेलने का मौका नहीं मिला. उन्हें तीन मैच की सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद रिलीज कर दिया गया था. इससे पहले वे पहले मैच में उन्हें सब्सटीट्यूट फील्डर के रूप में रखा गया. इससे आईसीसी के नियमों के तहत स्कॉटलैंड की तरफ से खेलने की उनकी योग्यता छीन गई. अब उन्हें फिर से स्कॉटलैंड या किसी दूसरी टीम के लिए खेलने की योग्यता हासिल करने के लिए तीन साल का समय देना होगा.
स्कॉट करी स्कॉटलैंड के लिए खेलने को अयोग्य कैसे हुए
आईसीसी के खिलाड़ियों के योग्यता नियमों का आर्टिकल 2.2 कहता है, कोई खिलाड़ी अगर किसी नेशनल क्रिकेट फेडरेशन का प्रतिनिधित्व करता है और फिर दूसरी फेडरेशन के लिए खेलना चाहता है तो वह किसी इंटरनेशनल मैच या आईसीसी इवेंट में तभी खेलने योग्य होगा अगर वह उस फेडरेशन की तरफ से न तो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बना हो और न ही सब्सटीट्यूट रहा हो. अगर ऐसा हुआ है तो फिर उस मैच या आईसीसी इवेंट के तीन साल बाद ही वह फिर से पुरानी फेडरेशन के लिए खेल पाएगा.

