सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले सुपर 8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रन से हार का सामना करना पड़ा. टीम इंडिया की इस हार ने ग्रुप एक को अब पूरी तरह से जंग में बदल दिया है. साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए सात विकेट पर 187 रन बनाए. जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर ऑल आउट हो गई.
चार टीमों के ग्रुप में मुश्किल काम
अब भारतीय टीम ज्यादा से ज्यादा चार पॉइंट हासिल कर सकती है. 26 फरवरी को चेन्नई में भारत को जिम्बाब्वे को हराना होगा और फिर एक मार्च को ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज को हराना होगा. इससे कम कुछ भी हुआ तो भारत को कई नतीजों पर निर्भर रहना होगा, साथ ही नेट रन रेट में गड़बड़ी भी. चार टीमों के ग्रुप में यह बहुत मुश्किल काम है.
नेट रन रेट के नुकसान को ठीक करना
हालांकि दो जीत भी भारत को आराम से सेमीफाइनल में पहुंचाने के लिए काफी नहीं है. उसे अपने नेट रन रेट के नुकसान को ठीक नहीं करना होगा. अगर ग्रुप 4 अंकों के साथ टाई हो गया तो फिर नेट रन रेट पर बात आ जाएगी और टाई होने की पूरी संभावना है, क्योंकि साउथ अफ्रीका अभी भी वेस्ट इंडीज (26 फरवरी, अहमदाबाद) और जिम्बाब्वे (1 मार्च, दिल्ली) से खेलेगा, जबकि जिम्बाब्वे वेस्ट इंडीज (23 फरवरी, मुंबई) से खेलेगा.
एक बड़ी जीत की जरूरत
अगर साउथ अफ्रीका एक और मैच जीत जाता है, तो सेमीफाइनल में उसकी जगह लगभग पक्की हो जाएगी, मगर वेस्ट इंडीज या जिम्बाब्वे के साथ भारत पॉइंट्स टाई में आ सकता है. ऐसे में भारत के लिए सिर्फ जीतना ही काफी नहीं होगा. उसे अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा. इसका मतलब है जब दूसरी पारी में बैटिंग कर रहे हों तो तेजी से चेज करने की जरूरत होगी और डिफेंड करने की स्थिति में बड़े अंतर से जीतने की होगी. भारत को अपने नेट रन रेट को सेफ जोन में लाने के लिए एक बड़ी जीत की जरूरत है.

