T20 WORLD CUP ट्रॉफी का इतिहास, भारत में बनना हुई थी शुरू, कितना है वजन, किस धातु का होता है इस्तेमाल

T20 WORLD CUP ट्रॉफी का इतिहास, भारत में बनना हुई थी शुरू, कितना है वजन, किस धातु का होता है इस्तेमाल
टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2007 से दी जा रही है. (Photo: Getty)

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टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी में चांदी और रोडियम इस्तेमाल होता है.

टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को ऑरिजनल ट्रॉफी नहीं मिलती है.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है. भारत और श्रीलंका की मेजबानी में यह इस टूर्नामेंट का 10वां एडिशन है. 2007 में टी20 वर्ल्ड कप का आगाज हुआ था और दूसरी बार भारत व श्रीलंका को इसकी मेजबानी मिली है. अभी तक भारत, वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड ही ऐसी टीमें हैं जिन्होंने दो बार यह खिताब जीता है. टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी का भी कमाल का इतिहास रहा है. पहले यह भारत में बनाई जाती थी लेकिन अब इंग्लैंड में तैयार होती है.

टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी की डिजाइन ऑस्ट्रेलिया की मिनाले ब्रायस डिजाइन स्ट्रेटजी ने तैयार की. 2007 में ही यह डिजाइन हुई थी. फिर इसे बनाने का जिम्मा भारत के अमित पाबूवाल को दिया गया. जयपुर के रहने वाले पाबूवाल ने कई ट्रॉफी तैयार की है. इनमें 1987 रिलायंस वर्ल्ड कप, इंडिपेंडेंस कप, हीरो कप, विल्स वर्ल्ड कप शामिल हैं. 2012 तक उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी बनाई. 2012 में ट्रॉफी बनाने का काम लंदन की लिंक्स कंपनी को दे दिया गया. 2021 से टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी बनाने का काम लंदन की थॉमस लाइट कंपनी को दे दिया गया. यह कंपनी ब्रिटिश राजपरिवार का काम भी देखते हैं.

टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी किस धातु से बनती है, कितना है वजन

 

टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी शुरू में जब बनाई गई थी तब यह चांदी और रोडियम की हुआ करती थी. इसका वजन 12 किलो था और 57.15 सेंटीमीटर इसकी ऊंचाई थी. 2021 से टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी का वजन 3.9 किलो कर दिया गया. इसकी ऊंचाई 51 सेंटीमीटर हो गई. अब इसका बेस सिल्वर प्लेट का होता है. पांच अलग तरह की धातु ट्रॉफी बनाने में इस्तेमाल होती है.

जब भी कोई टीम टी20 वर्ल्ड कप जीतती है तो उसे ट्रॉफी के रेप्लिका दी जाती है. ऑरिजनल ट्रॉफी आईसीसी के पास ही रहती है.