आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में संजू सैमसन टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे. लेकिन भारत को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार मिली, जिसके बाद टीम इंडिया के प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए संजू सैमसन को मौका दिया. संजू ने आते ही बल्ले से धमाल मचा दिया और भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाकर ही रुके. अब संजू को वापस लाने के पीछे का कारण बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बताया और कहा कि ऑफ स्पिनरों के कारण ऐसा फैसला लिया गया.
हमें पता था कि ऑफ स्पिन के खिलाफ हमारे शीर्ष क्रम में एक नहीं बल्कि तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. तिलक तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. हमारे चार ऐसे मैच थे, जिनमें पहले ओवर में हमने विकेट गंवाया. यही वह पल था जब हमने अलग तरह से सोचना शुरू किया. कभी-कभी आप यह भी कह सकते हैं कि यह भगवान की योजना होती है. एक तरह से यह हमारे लिए ऐसे ही काम आया, क्योंकि इससे हमें लगा कि हमें संजू का इस्तेमाल करना होगा.
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कोटक ने आगे कहा,
आठवें नंबर पर हम रिंकू सिंह का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे और उन्हें ज्यादा मौके भी नहीं मिल रहे थे. हम बस शुरुआत में बाएं-बाएं-बाएं संयोजन को तोड़ना चाहते थे. इसी सोच के चलते संजू फिर से टीम में आए. हमने तय किया कि हम दो विकेटकीपर के साथ खेलेंगे और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. संजू विकेटकीपिंग कर सकते थे और इशान भी उतने ही अच्छे फील्डर हैं
संजू सैमसन ने कितने रनों की पारी खेली ?
संजू सैमसन जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से टीम इंडिया में वापस आए. इसके बाद उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में 97 रन की नाबाद पारी खेली. फिर सेमीफाइनल और फाइनल में 89-89 रन की शानदार पारियां खेलकर टीम इंडिया को उसके घर में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप का चैंपियन बना दिया.
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