70 गेंद, 11 मेडन, 5 बल्लेबाज और 0 रन, सिडनी टेस्ट के तीसरे दिन इंग्लैंड की हालत पस्त

70 गेंद, 11 मेडन, 5 बल्लेबाज और 0 रन, सिडनी टेस्ट के तीसरे दिन इंग्लैंड की हालत पस्त

नई दिल्ली। एक सीरीज में जब एक टीम को लगातार तीन हार मिली हो तो उसके लिए कुछ भी अच्छा नहीं हो पाता है. एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट के तीसरे दिन कुछ ऐसा ही इंग्लैंड के साथ हुआ. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले में टीम के बल्लेबाजों ने 70 गेंदें खेली लेकिन उसपर एक भी रन नहीं बना पाए. ये तब हुआ जब इंग्लैंड के बल्लेबाज पहले सेशन के कुछ आखिरी ओवर्स खेल रहे थे. टीम की स्थिति अच्छी नहीं थी और 36 रन पर ही अपने 4 विकटे गंवा चुकी थी. इंग्लैंड को पता था कि टॉप ऑर्डर के इस तरह बिखरने के बाद वो ये भी टेस्ट मैच गंवा देगी जिसके बाद बल्लेबाजों ने इतना संभलकर खेला की 70 गेंदों में एक भी रन नहीं बने और तीन विकेट भी गिर गए.

17वें ओवर के बाद बदल गया सबकुछ
मेलबर्न में पैदा हुए स्कॉट बोलैंड ने यहां 17वें ओवर में सबसे पहले क्रॉली को आउट किया तो वहीं इसके बाद उन्होंने 21वें ओवर की पहली गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को पवेलियन भेजा. ठीक इसके अगले ही ओवर में कैमरोन ग्रीन ने डेविड मलान को पवेलियन भेजकर टीम के खाते में कुल 4 विकेट डाल दिए. इंग्लैंड की टीम यहां 4 विकेट गंवाकर 36 पर ही थी और एक मजबूत साझेदारी की तलाश में थी. लेकिन इसके बाद उस वक्त चमत्कार देखने को मिला जब क्रीज पर उतरे बेन स्टोक्स ने 25वें ओवर में बोलैंड के ओवर में रन मारे. ये देखते ही फैंस चिल्लाने लगे. इसके बाद जॉनी बेयरस्टो और बेन स्टोक्स के बीच एक मजबूत साझेदारी देखने को मिली और टीम यहां तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट खोकर 258 रन बना पाई.


बेयरस्टो- स्टोक्स ने बचाई लाज
बता दें कि इंग्लैंड को इस मुश्किल स्थिति से निकालने में सबसे बड़ा योगदान बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो का रहा. बेयरस्टो यहां 103 रन बनाकर नॉटआउट है. दोनों के बीच पांचवे विकेट के लिए 128 रनों की साझेदारी हुई. इंग्लैंड की टीम यहां एशेज में फिलहाल 3-0 से पीछे है और चौथे टेस्ट में भी टीम का हालत पस्त नजर आ रही है. टीम के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं जिसमें सबसे बड़ा विलेन फिलहाल कप्तान जो रूट को बताया जा रहा है.