ब्रिसबेन। गाबा के मैदान में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच के पहले दिन से ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड पर अपनी लगाम कस कर रखी थी. जिसका नतीजा यह रहा कि चौथे दिन इंग्लैंड को कप्तान जो रूट और डेविड मलान के बीच 162 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भी बड़ी हार से नहीं बचा सकी. तीसरे दिन नॉटआउट रहने वाले ये दोनों बल्लेबाज चौथे दिन कुछ नहीं कर सके और इंग्लैंड की दूसरी पारी 297 रनों पर ध्वस्त हो गई. जिससे ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 20 रनों का लक्ष्य मिला था. जिसे उसने एक विकेट के नुकसान पर हासिल करके तीसरे दिन के दूसरे सेशन में ही 9 विकेट से बड़ी जीत हासिल कर ली. इस तरह पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 1-0 से आगे हो गई है.
पिंक बॉल से होगा दूसरा ऐतिहासिक टेस्ट मैच
अब पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का अगला टेस्ट मैच ऐतिहासिक पिंक बॉल और डे-नाईट फॉर्मेट में खेला जाएगा. जिसकी शुरुआत 16 दिसंबर से एडिलेड में होगी और यह एशेज के इतिहास का पहला डे-नाईट टेस्ट मैच भी होगा. जिसके चलते पहले टेस्ट मैच में अपने अनुभवी तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन के बिना उतरा इंग्लैंड, दूसरे मैच में दमदार वापसी करना चाहेगा.
चौथे दिन फिर बरसे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज
पहली पारी में 147 रन पर सिमटने के बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट और डेविड मलान ने तीसरे दिन शानदार बल्लेबाजी करके 159 रनों की सजहेदारी निभा ली थी. जबकि वह ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के स्कोर 425 रनों से 58 रन पीछे थे. जहां से सभी को इंग्लैंड के वापसी की उम्मीद नजर आ रही थी और ऐसा लग रहा था कि ये दोनों बल्लेबाज कुछ कमाल कर सकते हैं. लेकिन चौथे दिन की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने फिर से कहर बरपाया.
77 रन पर गिरे इंग्लैंड के 8 विकेट
इस तरह जैसे ही मलान का विकेट गिरा मानो अंग्रेज बल्लेबाजों के गाबा के मैदान में जमींदोज होने की प्रथा शुरू हो गई. मलान के बाद कप्तान रूट भी 6वें दिन 86 के आगे सिर्फ तीन रन जोड़ 89 रन पर कैमरून ग्रीन का शिकार बन गए. इसके बाद इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका और उनकी बल्लेबाजी गाबा की पिच पर पूरी तरह से 297 रन के कुल स्कोर पर ढह गई. तीसरे दिन के अंत तक इंग्लैंड ने दो विकेट के नुकसान पर 220 रन बना लिए थे. जिसके बाद चौथे दिन नजर डालें तो 8 बल्लेबाज मिलकर सिर्फ 77 रन ही जोड़ सके. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से दूसरी पारी में 400वां विकेट लेने वाले नाथन लियोन ने घातक गेंदबाजी करते हुए सबसे अधिक चार विकेट हासिल किए. जबकि दो-दो विकेट कप्तान पैट कमिंस व कैमरून ग्रीन और एक-एक विकेट जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क के नाम रहा.
ऑस्ट्रेलिया को मिला सिर्फ 20 रनों का लक्ष्य
इस तरह इंग्लैंड के दूसरी पारी में 297 रनों पर ऑलआउट होने के चलते ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 20 रनों का लक्ष्य मिला. जिसे उसने एकमात्र विकेट एलेक्स कैरी 9 रन के रूप में गंवाने के बाद हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से क्रीज पर मार्कस हैरिस (9) और मार्नस लाबुशेन क्रीज(0) पर नाबाद रहे. इंग्लैंड की तरफ से एकमात्र विकेट दूसरी पारी में ओली रोबिनसन ही ले सके. इस तरह पूरे मैच की बात करें तो रोबिनसन के नाम 4 विकेट रहे. क्रिस वुड के नाम तीन, क्रिस वोक्स के नाम दो, और एक-एक विकेट जैक लीच व कप्तान जो रूट के नाम भी रहा.
पहली पारी में भी ध्वस्त रही इंग्लैंड की बल्लेबाजी
बता दें कि इंग्लैंड कप्तान रूट ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी. जो कि उनका सबसे बड़ा गलत फैसला साबित हुआ. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इस मैच की पहली ही गेंद पर इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स को शून्य पर बोल्ड करके पवेलियन का रास्ता दिखा दिया था. जिसके बाद से ही मूमेंटम कहीं न कहीं ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में चला गया था. इस विकेट के बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और हावी होते चले गए और इंग्लैंड की पहली पारी 147 रनों पर सिमटने के साथ ही वह बैकफुट पर चली गई थी. पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के लिए 5 विकेट कप्तान पैट कमिंस, दो-दो विकेट मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जबकि एक विकेट कैमरून ग्रीन के नाम भी रहा था.
ट्रेविस हेड के शतक से ऑस्ट्रेलिया ने बनाई थी पकड़
इंग्लैंड को 147 रनों पर समेटने के बाद ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर और मार्नस लाबुशेन के बीच दूसरे विकेट के लिए 156 रनों की विशाल साझेदारी हुई. जिससे ऑस्ट्रेलिया को वापसी करने का मौका मिला. वॉर्नर जहां 94 रन पर चलते बने तो लाबुशेन भी 74 रनों की पारी को शतक में नहीं बदल सके. इसके बाद 5वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए ट्रेविस हेड ने गाबा के मैदान में अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया. उन्होंने दूसरे दिन के अंतिम सेशन में तेज तर्रार पारी खेली और टेस्ट में वनडे क्रिकेट का नजारा पेश करते हुए 85 गेंदों में शतक मारकर 148 गेंदों में कुल 152 रनों की पारी खेली. हेड का 85 गेंदों में जड़ा गया शतक एशेज सीरीज के इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक भी बना. हेड ने पारी के दौरान 14 चौके व 4 छक्के मारे. इस तरह हेड की दमदार पारी से ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 425 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 278 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी.

