Ashes : संकटमोचक बन स्टुअर्ट ब्रॉड ने बचाई इंग्लैंड की लाज, रोमांचक मोड़ पर जीतते रह गया ऑस्ट्रेलिया

Ashes : संकटमोचक बन स्टुअर्ट ब्रॉड ने बचाई इंग्लैंड की लाज, रोमांचक मोड़ पर जीतते रह गया ऑस्ट्रेलिया

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली एशेज सीरीज में टेस्ट क्रिकेट का सही मायने में रोमांच देखने को मिल रहा है. एशेज में पहले तीन टेस्ट मैच जीतने के बाद ऐसा लग रहा था कि चौथा टेस्ट मैच भी ऑस्ट्रेलिया आसानी से जीत जाएगी. लेकिन हार की कगार पर खड़ी इंग्लैंड ने भी हथियार नहीं डाले और गेंदबाजी के लिए मशहूर स्टुअर्ट ब्रॉड और जैक लीच ने अंत में बल्ले से जिम्मा संभालते अपनी टीम की लाज बचा ली. दिन के अंतिम सेशन में ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट हासिल करने थे और उसने 5 विकेट चटका भी लिए थे. लेकिन अंत के समय जब दिन के खेल के अंत में दो ओवर बाकी थे तभी ब्रॉड ने बल्ले से अपना विकेट बचाए रखा और टीम को हार से बचा लिया. ब्रॉड ने 35 गेंदों का सामना किया और अंत तक 8 रन बनाकर नाबाद रहे. जिससे चौथा टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया. इस तरह 388 रनों के लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड ने 9 विकेट खोकर 270 रन ही बना सकी.  ऐसे में ब्रॉड इंग्लैंड के लिए संकट मोचक साबित हुए जबकि अंतिम पलों में गेंदबाजी में उनके जोड़ीदार जेम्स एंडरसन ने भी बखूबी साथ निभाया और 6 गेंदे डॉट खेली जबकि अंतिम विकेट नहीं गिरने दिया.  

बोलेंड ने शुरू किया विकेट लेने का सिलसिला 

दरअसल, मैच के अंतिम दिन पहेल बारिश आई. जिससे अंग्रेजों के खेमें में थोड़ी ख़ुशी की लहर दौड़ी होगी कि मैच जितनी देर से शुरू हो उतना ही अच्छा है. लेकिन शुरुआती सेशन में थोड़ी ही देर हुआ और बारिश बंद होने के बाद खेल शुरू हुआ. ऑस्ट्रेलिया के 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की टीम चौथे दिन बिना विकेट खोए 30 रन से आगे खेलने उतरी लेकिन सुबह के सेशन में सलामी बल्लेबाज हसीब हमीद (09) और डेविड मलान (04) के विकेट जल्दी गंवा दिए.

पैट कमिंस की गेंद पर हमीद को कैरी ने जीवनदान दिया लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए और अपने कल के स्कोर में सिर्फ एक रन जोड़ने के बाद बोलैंड की गेंद पर कैरी को ही कैच दे बैठे. इसके बाद ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने अपने तीसरे ही ओवर में मलान को बोल्ड करके इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 74 रन किया.

 

अंतिम सेशन में रोमांचक मोड़ पर मैच हुआ ड्रॉ
अंतिम सेशन में ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट और चटकाने थे. उसने चायकाल के बाद 7वें यानि पारी के 75वें ओवर में सबसे पहले बेन स्टोक्स (60 रन) को चलता किया और इसके बाद नियमित अंतराल पर इंग्लैंड के विकेट गिरते चलते गए. स्टोक्स ने अपनी पारी के दौरान 123 गेंदों का सामना किया. हालांकि स्टोक्स के जाने के बाद पहली पारी में शतक जड़ने वाले जॉनी बेयरस्टो ने भी 105 गेंदों का सामन करते हुए 41 रन बनाए. लेकिन जोस बटलर ने फिर निराश किया और वह 38 गेंद में 11 रन बनाकर चलते बने. इसके बाद मार्क वुड कमिंस तो फिर बेयरस्टो बोलेंड का शिकार होकर चलते बने.

 

64 गेंद में ऑस्ट्रेलिया को चटकाने थे सिर्फ दो विकेट 
इंग्लैंड के अब 8 विकेट गिर चुके थे और दिन के सेशन के 64 गेंदे बाकी थी. लेकिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की अंतिम समय पर इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बल्लेबाजी से अग्निपरीक्षा ले डाली. 8 विकेट गिरने के बाद क्रीज पर जैक लीच और स्टुअर्ट ब्रॉड बल्लेबाजी कर रहे थे. इन दोनों ने विकेट में टिककर बल्लेबाजी की और लीच ने अकेले 34 गेंदों का सामना करके इंग्लैंड को हार से बचाने की उम्मीद जगा डाली. तभी 34वीं गेंद पर लीच ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ की गेंद का शिकार बन गए और ऐसा लगा कि इंग्लैंड की हार ने फिर से दस्तक दे दी है. लीच के आउट होने के बाद इंग्लैंड को दिन की अभी 12 गेंदे और खेलनी थी. इसमें 6 गेंदे स्टुअर्ट ब्रॉड ने खेल डाली जबकि अगली 6 गेंदे क्रीज पार आए जेम एंडरसन ने खेलते हुए विकेट नहीं गिरने दिया. जिससे सिडनी का अंतिम टेस्ट मैच रोमांचक मोड़ पर ड्रॉ हो गया. ब्रॉड 35 गेंद का सामना करके 8 रन बनाकर जबकि एंडरसन 6 गेंद में बिना खाता खोले वापस आए. इस तरह ब्रॉड और लीच ने अंत में इंग्लैंड की साख बचाते हुए उसे हार से बचा लिया. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से दूसरी पारी में सबसे ज्यादा तीन विकेट स्कॉट बोलेंड ने लिए.