भारतीय अंडर 19 क्रिकेट टीम ने 17 जनवरी को बांग्लादेश को मुश्किल पिच पर हराया तब एक बल्लेबाज ने काफी प्रभावित किया. यह खिलाड़ी रहा- अभिज्ञान कुंडु. उन्होंने 80 रन की शानदार पारी खेली और मुश्किल में फंसी भारतीय टीम को जीत लायक स्कोर तक पहुंचाया. उन्होंने एक छोर थामे रखा और 112 गेंद का सामना करते हुए चार चौके व तीन छक्के लगाए. मुंबई से आने वाले बाएं हाथ के इस विकेटकीपर बल्लेाज का यह चार मैच में तीसरा अर्धशतक रहा. उन्होंने दिसंबर 2025 में अंडर 19 एशिया कप में मलेशिया के खिलाफ दोहरा शतक उड़ाया था. तब उन्होंने 125 गेंद में नाबाद 209 रन की पारी खेली थी.
अभिज्ञान का इस तरह का खेल नई बात नहीं है. जब वे क्रिकेट में नाम कमाने की तैयारी कर रहे थे तब से ही बड़ी पारियां और रनों का अंबार उनकी पहचान रही है. दी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 साल की उम्र में स्कूली क्रिकेट में उन्होंने 29 हजार के करीब रन बना दिए थे. इस दौरान 97 शतक और 127 अर्धशतक उनके नाम हो चुके थे. उनकी शतकीय पारियां भी बड़ी रही. दो बार उनका स्कोर 400 पार रहा तो दो बार वे 300 से आगे गए. उनके नाम नौ दोहरे शतक रहे.
अभिज्ञान कुंडु की बैटिंग पर उनके कोच ने क्या कहा
कुंडु के कोच चेतन जाधव ने उनके खेल के बारे में रिपोर्ट में कहा, 'वह रनों की काफी भूख रखता है. सबसे अच्छी बात है कि उसे खेल की समझ है. फिर चाहे उसका स्कोर 100, 200 या 300 हो वह कभी बल्ला नहीं दिखाता है. वह केवल बैटिंग पर ध्यान देता है- बस अपना बैटिंग देखता है.'
कुंडु स्कूली क्रिकेट में इस टीम की तरफ से खेले
कुंडु पहले नवी मुंबई में अविनाश साल्वी फाउंडेशन की तरफ से खेले. वहां पर वे डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में ट्रेनिंग करते. यहां से वे अंजुमन हाई स्कूल में दाखिल हो गए. इसकी तरफ से वे स्कूल क्रिकेट में खेलने लगे. कुंडु को स्कूली क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद मुंबई अंडर 16 टीम में चुना गया. इसके बाद वे नेशनल क्रिकेट क्लब में अंडर 16 और अंडर 19 एकेडमी का हिस्सा रहे.

