वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को हरारे में अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ बैटिंग करने उतरते ही हमला बोलना शुरू कर दिया. ओपनिंग पार्टनर एरोन जॉर्ज जल्दी आउट हो गए, लेकिन 14 साल के इस लड़के ने गियर बदला और सिर्फ 32 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया. लेकिन ये तो बस शुरुआत थी, असली कमाल अभी बाकी था. इसके बाद सूर्यवंशी ने भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 142 रन की जबरदस्त साझेदारी की. इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखते हुए वैभव ने महज 55 गेंदों में धमाकेदार शतक पूरा किया. ये अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक था.
वैभव ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ा
दिसंबर 2025 में यू-19 एशिया कप में यूएई के खिलाफ उन्होंने 14 छक्के मारे थे, अब 15 छक्कों से नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया. और उनकी ये 175 रनों की पारी अब किसी भी उम्र के आईसीसी टूर्नामेंट फाइनल में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गई है. उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट के 2007 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में 149 रनों को पीछे छोड़ दिया. वहीं, इस एडिशन में ये तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है, लेकिन फाइनल में तो सबसे ऊपर है.
अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक (गेंदों के हिसाब से):
- 51 गेंदें - विल मालाज़ुक (ऑस्ट्रेलिया) बनाम जापान, विंडहोक, 2026
- 55 गेंदें - वैभव सूर्यवंशी (भारत) बनाम इंग्लैंड, हरारे, 2026
- 63 गेंदें - कासिम अकरम (पाकिस्तान) बनाम श्रीलंका, नॉर्थ साउंड, 2022
- 65 गेंदें - बेन मेयेस (इंग्लैंड) बनाम स्कॉटलैंड, हरारे, 2026
- 69 गेंदें - राज बावा (भारत) बनाम युगांडा, तारौबा, 2022
वैभव ने अपनी पारी 80 गेंदों पर 175 रनों पर खत्म की, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. वो दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में 150 या उससे ज्यादा रन बनाए. इसके साथ ही उन्होंने राज बावा के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा और दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस को भी मात दी. ब्रेविस ने 2022 में एक टूर्नामेंट में 18 छक्के मारे थे, लेकिन वैभव ने इस बार पूरे 30 छक्के ठोक दिए. ये अब एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्कों का नया रिकॉर्ड है.

