स्पोर्ट्स तक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिलने पर गर्व जताया। स्पीकर ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में भारत के लिए खेलना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि 1983 में वर्ल्ड कप और वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहीं। स्पीकर ने कहा, '1983 से 86-87 तक हमने हर एक वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था।' क्रिकेट खत्म करने के बाद उन्होंने कर्नाटक और भारतीय अंडर-19 व अंडर-21 टीमों को कोचिंग दी। 1999 में उन्होंने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशासनिक भूमिका शुरू की और बाद में केएससीए के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई का नेतृत्व भी किया। उन्होंने अपने परिवार को अपनी ताकत बताया और कहा कि माता-पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया।
'1983 से 87 तक हमने हर वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था'
स्पोर्ट्स तक के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने बीसीसीआई लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिलने पर गर्व जताया। स्पीकर ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में भारत के लिए खेलना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि 1983 में वर्ल्ड कप और वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहीं। स्पीकर ने कहा, '1983 से 86-87 तक हमने हर एक वनडे प्रतियोगिता जीती, वो मेरे लिए बड़ा समय था।' क्रिकेट खत्म करने के बाद उन्होंने कर्नाटक और भारतीय अंडर-19 व अंडर-21 टीमों को कोचिंग दी। 1999 में उन्होंने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशासनिक भूमिका शुरू की और बाद में केएससीए के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई का नेतृत्व भी किया। उन्होंने अपने परिवार को अपनी ताकत बताया और कहा कि माता-पिता ने हमेशा प्रोत्साहित किया।
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