भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति और खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर चर्चा हुई। इसमें हार्दिक पांड्या की लगातार गैरमौजूदगी और चोटों के चलते टीम के संयोजन पर पड़ रहे असर को रेखांकित किया गया। चर्चा के अनुसार टीम को हार्दिक के बिना ही अपना प्लान ए तैयार करना चाहिए, ताकि आगामी विश्व कप की तैयारियों पर असर न पड़े। यदि हार्दिक फिट होकर लौटते हैं तो उन्हें केवल बोनस के रूप में देखा जाना चाहिए। सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट को उनकी फिटनेस और उपलब्धता पर पूरी स्पष्टता हासिल करने की जरूरत बताई गई। इसके अतिरिक्त, विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले और सीमित ओवरों के खेल में उनकी मानसिकता पर भी बात की गई। साथ ही शुभमन गिल के शतक और वनडे में उनके 61 के औसत की सराहना की गई।
Hardik Pandya की गैरमौजूदगी से बिगड़ा संतुलन, सेलेक्टर्स और मैनेजमेंट को चाहिए क्लैरिटी
भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति और खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर चर्चा हुई। इसमें हार्दिक पांड्या की लगातार गैरमौजूदगी और चोटों के चलते टीम के संयोजन पर पड़ रहे असर को रेखांकित किया गया। चर्चा के अनुसार टीम को हार्दिक के बिना ही अपना प्लान ए तैयार करना चाहिए, ताकि आगामी विश्व कप की तैयारियों पर असर न पड़े। यदि हार्दिक फिट होकर लौटते हैं तो उन्हें केवल बोनस के रूप में देखा जाना चाहिए। सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट को उनकी फिटनेस और उपलब्धता पर पूरी स्पष्टता हासिल करने की जरूरत बताई गई। इसके अतिरिक्त, विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले और सीमित ओवरों के खेल में उनकी मानसिकता पर भी बात की गई। साथ ही शुभमन गिल के शतक और वनडे में उनके 61 के औसत की सराहना की गई।
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