कप्तानी में नहीं थी टीम चुनने की पूरी आजादी: सचिन तेंदुलकर का बड़ा खुलासा

सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन में कई अहम सवालों के जवाब दिए। टीम इंडिया की कप्तानी के अपने अनुभव पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह शानदार अनुभव और बड़े सम्मान की बात थी, लेकिन कई मौकों पर उन्हें अपनी टीम चुनने की पूरी आजादी नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर की तुलना में आज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की कार्यप्रणाली बेहद पेशेवर हो चुकी है। पसंदीदा भारतीय कप्तानों के सवाल पर उन्होंने सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी का नाम लिया। विदेशी नेतृत्व के संदर्भ में सचिन ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तान तेम्बा बावुमा की तारीफ करते हुए कहा कि वह आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेते हैं। इसके अलावा, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का उप-कप्तान बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी भरा था और उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने के लिए थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए।

सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन में कई अहम सवालों के जवाब दिए। टीम इंडिया की कप्तानी के अपने अनुभव पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह शानदार अनुभव और बड़े सम्मान की बात थी, लेकिन कई मौकों पर उन्हें अपनी टीम चुनने की पूरी आजादी नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर की तुलना में आज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की कार्यप्रणाली बेहद पेशेवर हो चुकी है। पसंदीदा भारतीय कप्तानों के सवाल पर उन्होंने सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी का नाम लिया। विदेशी नेतृत्व के संदर्भ में सचिन ने दक्षिण अफ्रीकी कप्तान तेम्बा बावुमा की तारीफ करते हुए कहा कि वह आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेते हैं। इसके अलावा, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का उप-कप्तान बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी भरा था और उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने के लिए थोड़ा और समय दिया जाना चाहिए।