नई दिल्ली। भारतीय सरजमीं पर घरेलू क्रिकेट का रोमांच जारी है. जिसमें हर दिन कोई न कोई खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है. इसी कड़ी में बड़ौदा के लिए खेलने वाले हार्दिक पांड्या के भाई क्रुणाल पांड्या ने जहां पहले धीमी पारी खेलकर किसी तरह टीम को संभाला. उसके बाद शानदार गेंदबाजी करते हुए तमिलनाडु की टीम को महज 73 रनों में समेट कर इतिहास रच डाला. लिस्ट ए (50 ओवर) यानि विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट में बड़ौदा ने पहले खेलते हुए 114 रन बनाए और इस स्कोर को बचाते हुए 41 रन से जीत हासिल कर सभी को हैरान कर दिया.
इतिहास में दूसरी बार हुआ ऐसा
भारतीय घरेलू क्रिकेट में किसी टीम के गेंदबाजों द्वारा 114 रन का दूसरा सबसे कम स्कोर बचाया गया. इससे पहले साल 1993 में सूरत के मैदान में लिस्ट ए टूर्नामेंट के दौरान साउथ जोन ने नार्थ जोन के खिलाफ 82 रन बनाकर जीत दर्ज की थी. जिसके बाद दूसरी बार इस तरह के कारनामे को केदार देवधर की कप्तानी वाली टीम ने अंजाम देकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.
82 गेंदों में पांड्या ने बनाए 38 रन
मैच की बात करें तो मंगलापुरम मैदान में एलीट ग्रुप बी के दौरान तमिलनाडु और बड़ौदा के बीच मैच खेला गया. जिसमें बड़ौदा के कप्तान केदार देवधर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. जिसका फायदा तमिलनाडु के गेंदबाजों ने उठाया. सबसे पहले खुद ही कप्तान केदार सलामी बल्लेबाजी करते हुए 2 रन बनाकर पवेलियन चले गए. इस तरह पहला विकेट गिरने के बाद बड़ौदा की बल्लेबाजी संभली नहीं और नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए क्रुणाल पांड्या ने क्रीज पर रन बनाने के लिए काफी संघर्ष किया. इसका आलम रहा रहा कि पांड्या ने अपनी पारी के दौरान 82 गेंदों का सामन किया और तीन चौके के साथ 38 रनों का योगदान दिया. जबकि उनके अलावा बड़ौदा का अन्य कोई बल्लेबाज नहीं खेल सका. जिससे उनकी टीम 39 ओवर में 114 रन बनाकर सिमट गई. तमिलनाडु की तरफ से दो-विकेट मणिमरन सिद्धार्थ, संदीप वारियर, वाशिंगटन सुंदर और संजय यादव ने लिए.

