फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अपने चरम पर है. कनाडा की टीम इस बार बतौर मेजबान वर्ल्ड कप खेल रही है और उसने पहले मैच में दमदार प्रदर्शन करते हुए हार के सिलसिले को रोका. कनाडा ने अपने घर में खेले गए मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला. इसके साथ ही कनाडा ने 1986 में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप खेलने के 40 साल बाद पहली बार एक अंक अर्जित किया और हार से खुद को बचाया. वहीं, बाद में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराया और वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार किसी मैच में चार गोल दागने का कारनामा किया.
कनाडा ने पहली बार कब खेला वर्ल्ड कप ?
कनाडा की बात करें तो टीम ने सबसे पहले 1986 में फीफा वर्ल्ड कप खेला था और ग्रुप स्टेज के तीनों मैच हारकर बाहर हो गई थी. इसके बाद 2022 फीफा वर्ल्ड कप के लिए कनाडा ने क्वालिफाई किया, लेकिन तब भी उसे तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. अब 1986 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि कनाडा की टीम वर्ल्ड कप के किसी मैच में नहीं हारी और उसने एक अंक अर्जित किया.
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अमेरिका ने करिश्माई आगाज
वहीं, शुक्रवार सुबह अमेरिका और पराग्वे के बीच शानदार मुकाबला खेला गया. इसमें मैच के सातवें मिनट में ही पराग्वे के बॉबाडिला आत्मघाती गोल कर बैठे. इसके बाद अमेरिका के लिए बालोगुन ने 31वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम में दो गोल दागे. जबकि दूसरे हाफ में 73वें मिनट में पराग्वे के लिए मौरिसियो ने गोल किया, लेकिन वह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं था. इसके बाद मैच के इंजरी टाइम में अमेरिका के रेयना ने भी गोल दाग दिया और उनकी टीम ने 4-1 से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ अमेरिका ने फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी एक मैच में पहली बार चार गोल करने का करिश्मा अपने नाम कर लिया.


