फीफा वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की मेजाबनी में होने जा रहा है. इस बार सबसे ज्यादा 48 देश इसमें हिस्सा ले रहे हैं. इनमें से चार देश ऐसे हैं जो पहली बार फीफा वर्ल्ड कप का हिस्सा बने हैं. इनमें कैप वेर्डे, जॉर्डन, उज्बेकिस्तान और क्यूरोसाऊ शामिल हैं. किसी एक फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाले देशों की सर्वाधिक संख्या छह हैं. 2006 में ऐसा हुआ था तब अंगोला, आइवरी कोस्ट, घाना, टोगो, ट्रिनिडाड एंड टोबेगो और यूक्रेन ने हिस्सा लिया था.
पहली बार फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले देश
जानिए फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेलने जा रहे कैप वेर्डे, जॉर्डन, उज्बेकिस्तान और क्यूरोसाऊ की कहानी. दुनिया के नक्शे पर ये देश कहां पर हैं और इन्हें क्या अलग बनाता है.
कैप वेर्डे
यह देश अफ्रीका के पश्चिमी हिस्से में है. उसने अफ्रीका क्वालिफायर्स में कैमरन को पीछे छोड़ते हुए क्वालिफाई किया था. इस देश की आबादी 5.25 लाख है. इस लिहाज से कैप वेर्डे फीफा वर्ल्ड कप में जगह बनाने वाला तीसरा सबसे छोटा देश है. इस मामले में उससे आगे आइसलैंड (2018) और क्यूरोसाऊ (2026) के नाम आते हैं. इस देश की फुटबॉल टीम का निकनेम ब्ल्यू शार्क्स है. वह फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप एच में स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब के साथ है.
जॉर्डन
यह देश एशिया महाद्वीप में है और पश्चिमी एशिया में आता है. सीरिया, इराक, सऊदी अरब, इजरायल इसके पड़ोसी हैं. जॉर्डन पर्यटन के लिहाज से काफी लोकप्रिय है. उसके यहां कई यूनेस्को हैरिटेज साइट हैं और धरती का सबसे निचला हिस्सा मृत सागर भी उसके पास है. जॉर्डन की आबादी 1.15 करोड़ है. जॉर्डन ने ओमान को जून 2025 में 3-0 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप का टिकट कटाया था. यह टीम ग्रुप जे का हिस्सा है. उसके साथ ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया और अर्जेंटीना है.
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