फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की पूरी टीम की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया. रिपोर्ट्स के अनुसार आइसलैंड के खिलाफ़ वर्ल्ड कप से पहले होने वाले फ्रेंडली मैच से ठीक पहले टीम के खिलाड़ियों के पासपोर्ट की जानकारी लीक हो गई.आरोप है कि यह संवेदनशील जानकारी बिना ठीक से छिपाए (redact किए) एक आधिकारिक टीम शीट पर जारी कर दी गई थी. अर्जेंटीना के अपने खिताब को बचाने के अभियान की शुरुआत करने से कुछ ही दिन पहले हुई इस घटना ने खिलाड़ियों की प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
मेसी की वापसी
मैदान के बाहर चल रहे विवाद के बावजूद अर्जेंटीना ने मैदान पर शानदार खेल दिखाया और टूर्नामेंट से पहले अपने आखिरी वार्म-अप मैच में आइसलैंड पर 3-0 से आसान जीत हासिल की. इस मैच में हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरने के बाद मेसी की वापसी भी हुई. उन्होंने मैच की शुरुआत बेंच से की, लेकिन दूसरे हाफ में मैदान पर आते ही उन्होंने तुरंत अपना असर दिखाया. मैदान पर आने के दो मिनट के भीतर ही मेसी ने गोल कर दिया.
अर्जेंटीना के कप्तान के सटीक 'थ्रू-बॉल' के बाद लुटारो मार्टिनेज को पेनल्टी एरिया के अंदर गिरा दिया गया था, जिससे टीम को पेनल्टी मिली. मेसी ने शांत भाव से उस पेनल्टी किक को गोल में बदलकर अर्जेंटीना की बढ़त को दोगुना कर दिया. इस गोल के साथ मेसी ने इतिहास भी रचा. 38 साल और 11 महीने की उम्र में वह अर्जेंटीना के सबसे उम्रदराज गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने एंजेल लाब्रूना का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. लाब्रूना ने यह रिकॉर्ड 1957 में बनाया था और लगभग सात दशकों तक वह देश के सबसे उम्रदराज गोल करने वाले खिलाड़ी बने रहे.


