युवा भारतीय महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को मुश्किल हालातों में ट्रेन में सफर करना पड़ रहा है. युवा फुटबॉलर्स ने आरोप लगाया है कि उन्हें दो दिन की रेल यात्रा के लिए महज 125 रुपये दिए गए, जिसके बाद उन्हें यात्रा की बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. इस दौरान उनके साथ क्लब का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था और कुछ खिलाड़ी तो बिना कन्फर्म टिकट के ही यात्रा कर रही थीं.
परेशान करने वाला सफर
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में खिलाड़ियों ने घर वापसी के अपने सफर को परेशान करने वाला बताया. उन्होंने दावा किया कि सफर के दौरान उन्हें न तो भरपूर खाना मिला, न पानी और न ही कोई मदद. वायरल वीडियो में एक खिलाड़ी ने कहा कि
अब तक हमें खाने के लिए कुछ भी नहीं मिला है और अब मैनेजर ने फोन करके कहा है कि हमें 125 रुपये में दो दिन गुजारा करना होगा. हम गुज़ारा कैसे करेंगे? इतने पैसों में हमें खाना नहीं मिल सकता. यहां तक कि ज़रूरत की बुनियादी चीजें भी नहीं. बिस्किट का एक पैकेट भी लगभग 20 रुपये का आता है और हमारे पास पानी भी नहीं है.
खिलाड़ियों ने दावा किया कि टीम मैनेजर ने उन्हें बताया था कि यह राशि इस दौरे के लिए मंजूर किया गया कुल भत्ता है. हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का पक्का पता नहीं था कि यह फैसला सीधे क्लब के मालिकों की तरफ से आया था या नहीं. फाइनेंशियल चिंताओं के अलावा खिलाड़ियों ने यह आरोप भी लगाया कि सफ के दौरान क्लब का कोई भी अधिकारी उनके साथ नहीं था, जिससे उनकी सुरक्षा और कल्याण पर सवाल खड़े हो गए. खिलाड़ियों ने यह भी दावा किया कि टीम के चार सदस्य बिना कन्फर्म ट्रेन टिकट के यात्रा कर रहे थे और उन्हें यात्रा के दौरान अन्य यात्रियों के साथ एडजस्ट करना पड़ा.

