जर्मनी ने बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए स्पेन को माइकल स्टरटफ के गोल के दम पर 1- 0 से हराते हुए चौथी बार मैंस हॉकी वर्ल्ड कप जीतकर पाकिस्तान के सबसे ज्यादा चार खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली.इसके साथ ही जर्मनी अब पाकिस्तान के साथ मैंस हॉकी विश्व कप के इतिहास की सबसे सफल टीम बन गई. जर्मनी इससे पहले 2002 में कुआलालम्पुर में, 2006 में अपनी मेजबानी में मोंशेंग्लाबाख और 2023 में भुवनेश्वर में खिताब जीत चुकी है.पाकिस्तान ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में विश्व कप जीता था.वहीं स्पेन 1998 के बाद पहली बार और अब तक तीसरी बार फाइनल में पहुंचा,लेकिन खिताब जीतने का उसका सपना फिर अधूरा रह गया इस साल फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला स्पेन हॉकी में खिताब के करीब पहुंचकर चूक गई.
पहले हाफ में मौके से चूकी जर्मनी
पहले पंद्रह मिनट में दोनों टीमों को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर मिला,लेकिन सफलता नहीं मिल सकी.जर्मनी ने पहले हमला बोलते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन बेनेडिक्ट श्वारजाप (आठ) के शॉट को स्पेनिश गोलकीपर ने बचाया जबकि जवाबी हमले में नौवे मिनट में स्पेन के बोरजा लोकाले (नौ ) को कामयाबी नहीं मिली. पहले क्वार्टर में जर्मनी ने गेंद पर नियंत्रण में दबदबा बनाया,लेकिन दूसरे क्वार्टर में स्पेन के खिलाड़ियों के बीच छोटे छोटे पास और अच्छे मूव देखने को मिले,लेकिन सफलता नहीं मिली.स्पेन के जोकिन मेनिनी ने 18वें मिनट में सर्कल के भीतर इफियाकी जाल्डुआ को गेंद सौंपी,लेकिन जर्मन डिफेंडरों ने कब्जा छीन लिया. इसके तीन मिनट बाद स्पेन के निकोलस अल्वारेज मैदान के बीच से दाहिने ओर से अकेले गेंद लेकर आगे बढे लेकिन डी के भीतर नियंत्रण खो दिया.
जर्मनी के पास ब्रेक से दो मिनट पहले गोल करने का सुनहरा मौका था, जब जॉर्ज जोहानेस को गोल के बायें ओर गेंद मिली, जो उन्होंने टियो हिनरिच को सौंपी,लेकिन उनका शॉट रोक लिया गया.गेंद सर्कल के भीतर ही थी और जस्टस वारवेज की स्टिक से टकराते हुए फिर जॉर्ज के पास गई लेकिन वह सटीमैक निशाना नहीं लगा सके.हाफटाइम तक दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थी.
जर्मनी का विनिंग गोल
ब्रेक के बाद स्पेन ने दबदबा बनाया और गेंद पर नियंत्रण के साथ कई हमले बोले. इसी लय में 39वें मिनट में गेरार्ड क्लापेस ने दाहिने फ्लैंक से सर्कल पर पोल वर्डियेल काबरे को गेंद सौंपी,जिन्हें बाधा पहुंचाये जाने पर स्पेन को दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला.इस पर कप्तान मार्क मिरालेस की ड्रैग फ्लिक हालांकि गोल के बाहर से निकल गई.




