हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के आखिरी पूल मैच में पाकिस्तान को हराकर दूसरे दौर पहुंची भारतीय मैंस हॉकी टीम की राह अब और मुश्किल होने वाली है.भारत का दूसरे दौर में पहला ही मैच पेरिस ओलिंपिक चैंपियन नेदरलैंड्स से हो सकता है, जिसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं होगी. पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 और 4-1 से बढ़त बनाने के बाद जिस तरह से भारत ने पकड़ ढीली की, वह नेदरलैंड्स जैसी टीमों के खिलाफ भारी पड़ सकती है.
इंग्लैंड से नहीं होगा मुकाबला
पहले दौर में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके खिलाफ नहीं खेलेगी, जबकि इंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है. इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा. यानी नेदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबला भी भारत के लिए एक नॉकआउट मैच होगा. पूल ए में दुनिया की दूसरे नंबर की टीम नेदरलैंड्स फिलहाल शीर्ष पर है, जिसे गुरुवार को जापान से आखिरी ग्रुप मैच खेलना है.मौजूदा फॉर्म को देखते हुए नेदरलैंड्स का पलड़ा भारी है, क्योंकि जापान पहले दोनों मैच हारकर दौड़ से पहले ही बाहर हो चुका है.
अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड में फैसला
वहीं दूसरे मैच में वर्ल्ड रैंकिंग में आठवें स्थान पर काबिज अर्जेंटीना का सामना 11वीं रैंकिंग वाली न्यूजीलैंड से होगा, जिसमें दूसरे दौर में जाने वाली एक और टीम का निर्धारण होगा. अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड दोनों के नेदरलैंड्स से हारने के बाद तीन-तीन अंक हैं लेकिन गोल औसत के आधार पर फिलहाल अर्जेंटीना दूसरे स्थान पर है.
घर में नेदरलैंड्स का दबदबा
तीन ओलिंपिक और तीन विश्व कप जीत चुकी नेदरलैंड्स को उसके गढ में हराने की चुनौती भारत के लिये आसान नहीं होगी. इसी मैदान पर 1973 में पहली बार विश्व कप जीतने वाली नेदरलैंड्स ने 1990 और 1998 में फिर खिताब जीता, जबकि पिछले चार विश्व कप में भी वह दो बार सिल्वर और दो बार ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी है.




