भारत हॉकी वर्ल्ड कप के पूल E मैच में नेदरलैंड्स के हाथों 1-3 की हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर थी, मगर अर्जेंटीना की टीम ने भारत को जीवनदान दे दिया. भारत के खिलाफ नेदरलैंड्स के लिए डुको टेल्गेनकैंप, जेप होडेमेकर्स और थिज्स वैन डैम ने गोल किए, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने भारत के लिए एक गोल किया, लेकिन यह हार से बचने के लिए काफी नहीं था.
भारत को मिली लाइफलाइन
हरमनप्रीत और उनकी टीम अभी भी सेमीफाइनल में पहुंच सकती है, लेकिन यहां से आगे का रास्ता काफी मुश्किल है. उन्हें इंग्लैंड से आगे निकलने के लिए कई चीजों का अपने पक्ष में होना ज़रूरी है. सबसे पहले भारत के क्वालिफ़ाई करने के लिए जरूरी था कि शनिवार को अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाला देर रात का मैच ड्रॉ न हो और न ही इंग्लैंड जीते. अगर मैच ड्रॉ होता, तो भारत बाहर हो जाता और अगर इंग्लैंड जीतता है, तो भारत और अर्जेंटीना दोनों बाहर हो जाते. भारत के लिए पूल E के मैचों के आखिरी दिन तक बने रहने का एकमात्र तरीका यह था कि अर्जेंटीना शनिवार को इंग्लैंड को हरा दे और ऐसा ही हुआ. अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हरा दिया और इसी के साथ भारत को एक लाइफलाइन मिल गई.
क्या सेमीफाइनल में पहुंच सकता है भारत?
अब अर्जेंटीना और इंग्लैंड दोनों के 3-3 पॉइंट हो गए हैं और भारत का अगला मुकाबला अर्जेंटीना से होगा. आख़िरी दिन भारत उम्मीद करेगा कि नेदरलैंड्स इंग्लैंड को हरा दे. इसके बाद हरमनप्रीत और उनकी टीम को अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना होगा ताकि वे 3 पॉइंट के साथ गोल डिफरेंस के आधार पर इंग्लैंड से आगे निकल सकें.




