मिठाई-चॉकलेट और फास्ट फूड बंद, टीम इंडिया की डाइट पर सख्ती, 2028 ओलिंपिक के लिए कड़ा फैसला

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
india women hockey
india women hockey

Story Highlights:

भारतीय महिला टीम टोक्यो ओलिंपिक में चौथे स्थान पर रही थी.

भारतीय महिला टीम 2024 पेरिस ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी.

2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने डाइट को लेकर कड़ा फैसला किया है. इसके तहत मिठाई, चॉकलेट और फास्ट फूड को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. भारतीय टीम की खिलाड़ियों ने खुद से यह फैसला किया है. टीम की गोलकीपर सविता पूनिया ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य है कि वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में पॉडियम पर जगह बनाई जाए. भारतीय महिला टीम टोक्यो ओलिंपिक में चौथे स्थान पर रही थी. पिछले ओलिंपिक के लिए वह क्वालिफाई नहीं कर पाई थी.

भारतीय टीम के साथ स्ट्रेंथ व कंडीशनिंग कोच के तौर पर वेन लोम्बार्ड फिर से जुड़ गए. वे अगले ओलिंपिक तक रहेंगे. टीम उनकी बताई डाइट का सख्ती से पालन करेगी. सविता ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि वेन अच्छे ट्रेनर के साथ ही काफी सख्त भी हैं. उन्होंने फिटनेस के काफी ऊंचे मानक तय किए हैं. भारतीय टीम ने टोक्यो ओलिंपिक से पहले भी खाने से चीनी व जंक फूड को पूरी तरह से हटा दिया था. इसका असर टीम की फिटनेस पर साफ दिखा था.

नेशंस कप जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने नहीं खाया केक

सविता ने बताया कि न्यूजीलैंड में नेशंस कप जीतने के बाद केक मंगाया गया था लेकिन किसी ने उसे नहीं खाया. खिलाड़ियों की फिटनेस काफी सुधरी है. अब खिलाड़ी खुद से ही फिटनेस स्टेंडर्ड को बनाए रखना चाहती हैं. पहले कोच को ध्यान रखना पड़ता था. अब इसकी जरूरत नहीं होती है. अब खिलाड़ी आपस में मजाक करती हैं कि लॉस एंजिल्स ओलिंपिक के बाद ही मिठाई खाई जाएगी.

महिला हॉकी टीम इस कमजोर पर कर रही काम

सविता ने वर्ल्ड कप से पहले टीम की तैयारी को लेकर भरोसा जताया. उन्होंने हेड कोच श्योर्ड मरीन व सपोर्ट स्टाफ को बदलाव का क्रेडिट दिया. उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम पॉडियम फिनिश के जरिए रिटर्न गिफ्ट देना चाहेंगी. सविता ने कहा कि टीम को आगामी बड़े टूर्नामेंट से पहले पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस पर काफी काम करना होगा. भारतीय टीम को हालिया समय में चीन के सामने इस दिक्कत के चलते निराशा मिली थी. सविता ने साफ कहा कि इंग्लैंड और चीन जैसी मजबूत टीमों के सामने ऐसी गलती की जगह नहीं है.