हॉकी वर्ल्ड कप 2026 शुरू हो चुका है. भारत ने वेल्स को हराकर इस वर्ल्ड कप में अपने अभियान का आगाज किया. 15 अगस्त की शाम को वेल्स के खिलाफ मुकाबला प्रीतम सिवाच के लिए सिर्फ एक मैच नहीं था.यह मैच उनके बेटे यशदीप के वर्ल्ड कप में डेब्यू का गवाह बना. एक मां के लिए यह गर्व का पल था. उन्होंने अपने बेटे यशदीप सिवाच को हॉकी वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेलते हुए देखा.
मां का अधूरा सपना
अपने बेटे के डेब्यू पर बात करते हुए प्रीतम सिवाच ने कहा कि यह उनके लिए बहुत बड़ा पल है. उनके बेटे ने वर्ल्ड कप में उसी जगह पर खेला, जहां वह खेली थी. उन्होंने बताया कि वह नेदरलैंड्स में थीं और हाल में वहां से लौटी हैं. वह टीवी पर मैच देख रही हैं. प्रीतम ने कहा कि उन्होंने मैच के दिन सुबह अपने बेटे को फोन किया और उससे कहा कि उसे अपनी मां का अधूरा सपना पूरा करना है. प्रीतम सिवाच ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि टीम मेडल जीतकर लौटेगी. टीम बहुत मजबूत लग रही है और उनका हौसला बुलंद है. बड़ी टीमों के ख़िलाफ लगातार खेलने से भी उन्हें अच्छी तैयारी करने में मदद मिली है.
अलग-अलग पोजीशन
अपने बेटे और अपने खेलने के अंदाज के बारे में प्रीतम सिवाच ने कहा कि उनका बेटा बहुत जल्दी सीखता है. वह दबाव में भी शांत रहता है. उन्होंने कहा कि वह ज़्यादा आक्रामक खिलाड़ी थी. उन्होंने कहा कि इसकी वजह शायद वह पोजीशन हो सकती है जिस पर वह दोनों खेलते हैं. प्रीतम ने बताया कि उनका बेटा डिफेंडर है, जबकि वह स्ट्राइकर थी.




