लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक्स में बॉक्सिंग को मिली जगह, IOC सेशन में सर्वसम्मति से हुआ फैसला

लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक्स में बॉक्सिंग को मिली जगह, IOC सेशन में सर्वसम्मति से हुआ फैसला
LA olympics flag in the frame

Highlights:

फरवरी 2022 में आईओसी सेशन में बॉक्सिंग को लॉस एंजिलिस ओलिंपिक्स में शामिल नहीं किया गया था.

ओलिंपिक स्पोर्ट के रूप में बॉक्सिंग को बनाए रखने के लिए वर्ल्ड बॉक्सिंग का गठन किया गया था. 

बॉक्सिंग का ओलिंपिक में शामिल होना भारत के लिए अच्छी खबर है.

लॉस एंजिलिस 2028 ओलिंपिक खेलों में बॉक्सिंग को शामिल कर लिया गया है. 20 मार्च को इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी (आईओसी) के 144वें सेशन के दौरान सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसके पक्ष में वोटिंग की. किसी ने भी बॉक्सिंग को शामिल करने का विरोध नहीं किया. आईओसी प्रेसीडेंट थॉमस बाक ने बॉक्सिंग के पक्ष में सदस्यों से हाथ उठाने को कहा था और सभी ने इसका समर्थन किया. इसके बाद बाक ने कहा, 'ओलिंपिक कार्यक्रम में मुक्केबाजी को वापस शामिल करने की मंजूरी के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं. हम एक शानदार मुक्केबाजी टूर्नामेंट की उम्मीद कर सकते हैं. ऐसा अक्सर नहीं होता है जबकि किसी खेल को ओलिंपिक कार्यक्रम में शामिल करने पर सर्वसम्मति बने.'

फरवरी 2022 में जब आईओसी का सेशन हुआ था तब बॉक्सिंग को लॉस एंजिलिस ओलिंपिक्स में शामिल नहीं किया गया था. तब इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (आईबीए) को लेकर चिंताएं जाहिर की जा रही थीं. आईओसी ने आईबीए को प्रशासन, वित्तीय मामलों, मैचों के परिणाम को लेकर सस्पेंड कर दिया था. आईओसी की स्पेशल टास्क फॉर्स ने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में बॉक्सिंग मुकाबले कराए थे. ऐसे में ओलिंपिक स्पोर्ट के रूप में बॉक्सिंग को बनाए रखने के लिए वर्ल्ड बॉक्सिंग का गठन किया गया था. 

आईओसी ने पिछले साल साफ कर दिया था कि नई इंटरनेशनल फेडरेशन के लिए नेशनल बॉक्सिंग फेडरेशंस को सर्वसम्मति बनानी होगी जिससे कि बॉक्सिंग को लॉस एंजिलिस खेलों में शामिल किया जा सके. वर्ल्ड बॉक्सिंग को 80 से ज्यादा नेशनल फेडरेशन का समर्थन प्राप्त है. बाक ने नई फेडरेशन को भी बधाई दी. उन्होंने कहा, 'मैं वर्ल्ड बॉक्सिंग को बधाई देना चाहूंगा.'

बॉक्सिंग का ओलिंपिक में शामिल होना भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय बॉक्सर्स ने अभी तक ओलिंपिक में तीन मेडल जीते हैं. 2008 में विजेंदर कुमार, 2012 में एमसी मेरीकोम और 2020 में लवलीना बोरगोहेन ने कांसा जीता था.

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