दो बार के ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियन विक्टर एक्सलसन ने छोड़ा बैडमिंटन, बोले- शरीर साथ नहीं दे रहा

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विक्टर एक्सलसन 183 सप्ताह तक नंबर एक खिलाड़ी रहे. (Photo: Getty)
विक्टर एक्सलसन 183 सप्ताह तक नंबर एक खिलाड़ी रहे. (Photo: Getty)

Story Highlights:

32 साल के एक्सलसन अक्टूबर 2025 से किसी प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुए

विक्टर एक्सलसन ने टोक्यो व पेरिस ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता.

विक्टर एक्सलसन 2017 व 2022 में वर्ल्ड चैंपियन बने.

दो बार के ओलिंपिक व वर्ल्ड चैंपियन विक्टर एक्सलसन ने बैडमिंटन से संन्यास लेने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि चोटों से जूझ रहा उनका शरीर साथ नहीं दे रहा. वह उनसे रुकने को कह रहा. 32 साल के एक्सलसन अक्टूबर 2025 से किसी प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुए हैं. उन्हें पिछले साल पीठ में समस्या हुई थी. इसके चलते सर्जरी करानी पड़ी थी. लेकिन उनका दर्द कम नहीं हुआ.

एक्सलसन ने बैडमिंटन यूरोप से बात करते हुए संन्यास की जानकारी दी. उन्होंने कहा, 'बहुत सारे लोग जानते हैं कि मैं काफी समय से पीठ की वजह से परेशान हूं. पिछले साल अप्रैल में सर्जरी कराई और फिर लंबे रिहैब में गया. अक्टूबर में बदकिस्मती से झटका लगा. उन टूर्नामेंट्स के बाद ससे मैंने न तो खेल पाया और न ही ट्रेनिंग कर सका. मैं दर्द की वजह से खेल और ट्रेनिंग नहीं कर पा रहा. इसी वजह से मैंने यह अत्यधिक मुश्किल फैसला किया.'

एक्सलसन ने रिटायरमेंट को लेकर क्या कहा

 

एक्सलसन 183 सप्ताह तक नंबर एक खिलाड़ी रहे. यह टॉप पर रहने की तीसरी सबसे लंबी अवधि है. उन्होंने कहा कि दर्द कम नहीं हो रहा और डॉक्टर्स ने चेतावनी दी कि अगर वह खेलना जारी रखते हैं तो फिर से सर्जरी की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में उन्होंने शरीर की सुनने का फैसला किया. उन्होंने कहा, 'पिछले साल जिन सर्जन ने ऑपरेशन किया था उनसे सलाह के बाद यह फैसला किया. उन्होंने कहा कि जो दर्द अभी महसूस हो रहा है उसकी वजह से फिर से सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. अगर तब भी सब सही नहीं हुआ तो ज्यादा गंभीर प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है. किसी भी मामले में इसका मतलब है कि मैं जिस लेवल की जरूरत है उस पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाऊंगा. इसलिए मेरा शरीर मुझसे रुकने के कह रहा और मुझे डॉक्टर्स की बात माननी होगी.' 

एक्सलसन आखिरी बार किस इवेंट में खेले थे

 

एक्सलसन आखिरी बार अक्टूबर 2025 में डेनमार्क ओपन में खेले थे. उन्होंने टोक्यो और पेरिस ओलिंपिक में पुरुष एकल में गोल्ड जीते. 2017 व 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेनमार्क से आने वाले इस शटलर ने पहला स्थान हासिल किया. एक्सलसन को अस्थमा की समस्या भी रही है. लेकिन उन्होंने इस बीमारी से लड़ते हुए एक सफल बैडमिंटन करियर बनाया.