भारतीय क्रिकेट टीमों के एशियन गेम्स 2026 के दौरान ठहरने पर फैसला हो गया. सभी क्रिकेटर्स उन्ही जगहों पर रुकेंगे जिन्हें आयोजन समिति ने तय किया है. उन्हें पांच सितारा होटल्स नहीं मिलेंगी जैसी की आमतौर पर विदेश दौरों पर मिलती है. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने 8 सितंबर को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नगोया में बड़ी होटलें नहीं होने की वजह से क्रिकेटर्स के ठहरने का मसला उठा था. लेकिन यह बड़ी बात नहीं है और बीसीसीआई व खिलाड़ी तैयारियों से संतुष्ट हैं.
भारतीय दल के एशियन गेम्स के लिए रवाना होने के मौके पर शुक्ला ने कहा, 'आयोजक जो भी सुविधाएं दे रहे हैं, हम वहीं रुक रहे हैं और देख रहे हैं कि किस तरह का रहने का इंतज़ाम किया गया है ताकि हमारे खिलाड़ी आराम से रह सकें. वे फाइव-स्टार तो नहीं हैं लेकिन रहने के लिए अच्छी जगहें हैं. हमारे क्रिकेटर्स को जो भी रहने की जगह दी गई है. हमने उसकी तस्वीरें और वीडियो भी देखे हैं, इसलिए मुझे लगता है कि यह आरामदायक है. वे (क्रिकेटर) वहीं जाकर रुकेंगे क्योंकि इसके अलावा ओसाका या टोक्यो में ठहरने का विकल्प था जो बहुत दूर है.'
बीसीसीआई उपाध्यक्ष ने हालांकि कहा कि भारतीय क्रिकेटर ट्विन शेयरिंग (एक कमरे में दो खिलाड़ी) वाले कमरे में नहीं रुकेंगे. वे अलग तरह के कमरों में ठहरेंगे. भारतीय पुरुष टीम 20 सितंबर को टोक्यो के लिए रवाना होगी और 22 तारीख को जापान के साथ इकलौता टी20 मैच खेलेगी. भारतीय पुरुषों का एशियन गेम्स में पहला मैच 28 सितंबर को है.
राजीव शुक्ला ने बताया टोक्यो में क्यों नहीं रुक रही क्रिकेट टीमें
शुक्ला ने कहा, 'समस्या यह थी कि नगोया में ज्यादा होटल नहीं हैं. टोक्यो और ओसाका बुलेट ट्रेन से डेढ़ घंटे की दूरी पर हैं. लेकिन एशियन गेम्स में सभी खिलाड़ी एक परिवार की तरह होते हैं. यह अच्छा नहीं लगता कि कुछ टीमें टोक्यो में रहें और कुछ ओसाका में. इसलिए यह तय किया गया है कि हमारे खिलाड़ी वहीं (नगोया में) होटल में रहेंगे. सबसे बड़ी समस्या मैदान, विकेट और ड्रेसिंग रूम की थी. आयोजकों ने इन चीज़ों पर ध्यान दिया है. एशियन क्रिकेट काउंसिल की टीम वहां गई थी और अब वे मैदान, विकेट और ड्रेसिंग रूम से संतुष्ट हैं. सब कुछ ठीक है.'




