एशियन गेम्स में पूरे देश को जिस खिलाड़ी से गोल्ड की उम्मीद सबसे ज्यादा थी, वो ब्रॉन्ज मेडल भी नहीं जीत पाया. बिना ट्रायल के एशियन गेम्स में गए ओलिंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया मैंस फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल भी नहीं जीत पाए. जूनियर वर्ल्ड चैंपियन कायकी यामागुची ने 4 बार के वर्ल्ड चैंपियन मेडलिस्ट बजरंग को टेक्निकल सुपीरियॉरिटी से हरा दिया. बजरंग को सेमीफाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन ईरान के अमजद रहमान के हाथों 1-8 से हार का सामना करना पड़ा था.
इस हार के साथ ही देश की उनसे गोल्ड की उम्मीद भी खत्म हो गई थी, मगर मेडल भी उम्मीद बरकरार थी. ब्रॉन्ज मेडल के लिए रेपचेज में उनके सामने यामागुची आए और यामागुची के आगे तो बजरंग ने अपने घुटने टेक दिए. वो आखिरी समय तक मैट पर नहीं टिक पाए. बजरंग बिना ट्रायल के एशियन गेम्स गए थे, जिसे लेकर काफी बवाल भी मचा था.
WhatsApp पर Sports Tak चैनल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
दरअसल बजरंग, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक सहित देश के कई बड़े पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरने पर बैठे थे. पहलवानों ने बृजभूषण पर कई महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया था. बजरंग, विनेश सहित कई पहलवान ने विरोध प्रदर्शन किया.
खिताब नहीं बचा पाए
बजरंग को इसके बाद उन्हें बिना ट्रायल के एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में शामिल किया गया. जिस पर विवाद खड़ा हो गया था, क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक किसी कॉम्पीटिशन में हिस्सा नहीं लिया था. बजरंग ने पिछले एशियन गेम्स में गोल्ड और 2014 एशियन में सिल्वर मेडल जीता था, मगर इस बार वो अपने खिताब को बचाने से चूक गए थे.
ये भी पढ़ें :-




