बीमारी कभी समय देखकर नहीं आती. लेकिन लंबे समय तक पंजाब के आम लोगों के लिए इलाज एक बड़ी चिंता बना रहा - महंगे निजी अस्पताल, दूर के सरकारी अस्पताल और दवाओं का भारी खर्च. इन्हीं परेशानियों को खत्म करने के लिए पंजाब सरकार ने आम आदमी क्लिनिक की शुरुआत की, ताकि हर नागरिक को उसके घर के पास ही मुफ्त और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा मिल सके. आज ये क्लिनिक पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी बन चुके हैं.
एक छत के नीचे पूरी प्राथमिक चिकित्सा
आम आदमी क्लिनिक में लोगों को मिलता है, डॉक्टर की मुफ्त जांच, जरूरी दवाइयां, ब्लड, शुगर, यूरिन जैसी जांच, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण और एंटी-रेबीज इंजेक्शन. यानी बुखार से लेकर प्रेगनेंसी तक, इलाज यहीं मिल जाता है.
रोज हजारों लोग उठा रहे हैं फायदा
हर दिन हजारों मरीज आम आदमी क्लिनिक में इलाज करवा रहे हैं. मजदूर, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे - सभी के लिए यह सबसे आसान और भरोसेमंद विकल्प बन गया है. एक महिला ने कहा, “पहले डॉक्टर दिखाने के लिए 500–600 रुपये लगते थे. यहां सब कुछ मुफ्त है.”
बड़े अस्पतालों पर कम हुआ बोझ
आम आदमी क्लिनिक खुलने से बड़े सरकारी अस्पतालों पर भी दबाव कम हुआ है. अब छोटी बीमारी के मरीज वहीं इलाज करवा लेते हैं, जिससे अस्पतालों में गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधा मिलती है.
उन्होंने कहा, “पैसों की वजह से कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे - यही आम आदमी क्लिनिक का मकसद है.”
स्वास्थ्य सेवा का मानवीय मॉडल
आम आदमी क्लिनिक ने स्वास्थ्य को एक सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार बना दिया है. आज पंजाब का आम नागरिक जानता है कि बीमारी के वक्त सरकार उसके साथ खड़ी है. यह सिर्फ क्लिनिक नहीं, बल्कि विश्वास की एक नई व्यवस्था है.

