वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें युवा मामले और खेल मंत्रालय के आवंटन में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की गई, जिसमें खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र को बहुत लाभ हुआ है क्योंकि उसको पहली बार 500 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है. खेल मंत्रालय के लिए कुल बजट आवंटन 4479.88 करोड़ रुपये है जो 2025-26 के संशोधित आवंटन 3346.54 करोड़ रुपये से 1133.34 करोड़ रुपये अधिक है.
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खेलो इंडिया के लिए 924.35 करोड़ रुपये का आवंटन
सरकार के ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के लिए 924.35 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया. इसके लिए पिछले साल आवंटित राशि 1000 करोड़ रुपये थी, लेकिन आखिरी खर्च 700 करोड़ रुपये रहा. राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सहायता राशि इस साल 28.05 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो पिछले साल की तुलना में 78 प्रतिशत का इजाफा है. राष्ट्रमंडल खेल इस साल जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होंगे.
खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव
सीतारमण ने अगले दशक में प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षकों के व्यवस्थित विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने के प्रस्ताव रखा, जिससे जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए सरकार के प्रमुख ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा. राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के लिए आवंटित बजट भी 78.64 करोड़ रुपये से घटाकर 46.98 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
प्रोत्साहन राशि में भी इजाफा
राष्ट्रीय खेल विकास कोष में योगदान राशि को तीन करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि सरकार ने इस साल खिलाड़ियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 28 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये कर दिया है. राष्ट्रीय खेल संघों के लिए सहायता राशि में भी मामूली बढ़ोतरी की गई है, जो 400 करोड़ रुपये से बढ़कर 425 करोड़ रुपये हो गई है. युवा हॉस्टलों के आवंटन में बड़ी बढ़ोतरी की गई है. यह पिछले साल के 1.10 करोड़ रुपये की तुलना में इस साल 19.20 करोड़ रुपये कर दी गई है.

