भारत की महिला रिकर्व टीम ने गुरुवार को 10 बार की ओलिंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को हराकर हाल के सालों में अपनी सबसे बड़ी जीत में से एक दर्ज की और तीरंदाजी विश्व कप स्टेज 2 के फाइनल में जगह बनाई. दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और युवा तीरंदाज कुमकुम मोहद की अनुभवी तिकड़ी ने सेमीफाइनल में शक्तिशाली कोरियाई टीम को 5-1 से हराकर इस टूर्नामेंट में भारत के लिए पहला मेडल पक्का कर दिया है.
दीपिका की टीम का कमाल
इस खेल की सबसे मजबूत टीम का सामना करते हुए भारतीय महिलाओं ने पहले ही सेट से जबरदस्त संयम दिखाया. चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय टीम ने छह तीरों में से चार पर एकदम सही 10 अंक बनाकर ज़ोरदार शुरुआत की और सिर्फ दो अंक गंवाकर पहला सेट 58-55 से अपने नाम कर लिया. कोरियाई टीम शुरुआत में थोड़ी घबराई हुई दिखी और 8 का स्कोर करने के बाद उन्हें काफ़ी संघर्ष करना पड़ा. सटीकता में थोड़ी कमी आने के बावजूद भारत ने दूसरे सेट में भी अपना दबाव बनाए रखा. दोनों टीमें 56-56 के स्कोर पर बराबरी पर रहीं, जिससे भारतीय टीम को अपनी बढ़त 3-1 तक बढ़ाने का मौका मिल गया. जीत बिल्कुल करीब होने पर दीपिका और उनकी टीम ने एक बार फिर दबाव में शानदार प्रदर्शन किया. भारत ने तीसरे सेट में एक और बेहतरीन 58 का स्कोर किया, जबकि कोरियाई टीम 56 पर लड़खड़ा गई, जिससे भारत को 5-1 से शानदार जीत मिली.
कोरिया की अनुभवहीन टीम
हालांकि कोरियाई टीम ने जापान में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों के तहत एक अनुभवहीन टीम को मैदान में उतारा था. पहली बार खेल रहीं ली युनजी और ओह येजिन ने मौजूदा विश्व चैंपियन कांग चेयॉन्ग के साथ हिस्सा लिया, जबकि ओलिंपिक स्टार आन सान और लिम सिह्योन इस मुकाबले में शामिल नहीं थीं.
दिन की शुरुआत में भारतीय महिला टीम ने धीमी शुरुआत से उबरते हुए पहले राउंड में उज़्बेकिस्तान को 6-2 से हराया. उनकी सबसे बड़ी चुनौती क्वार्टरफ़ाइनल में वियतनाम के ख़िलाफ आई. जब स्कोर 4-4 पर बराबर हो गया, तो मुकाबला एक तनावपूर्ण शूट-ऑफ में चला गया. भारत ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने तीन तीरों से सिर्फ दो पॉइंट गंवाए. शूट-ऑफ 28-25 से जीता और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की.

