भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह समेत तीन खिलाड़ियों को प्रो लीग के आगामी सेशन से पहले 33 संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट से बाहर कर दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. तीनों स्टार प्लेयर्स को स्क्वॉड से बाहर किए जाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है. पीटीआई के अनुसार सोर्स के अनुसार यह फैसला पिछले साल दिसंबर में साउथ अफ्रीका दौरे पर ही ‘अनुशासनात्मक’ कारणों से ले लिया गया था.
टीममेट को च्युइंग गम खिलाने का आरोप
सोर्स का कहना है कि साउथ अफ्रीका दौरे पर अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया था, जब एक खिलाड़ी टीम बैठक से गायब था और बाद में पता चला कि उस खिलाड़ी को मनप्रीत, दिलप्रीत और पाठक ने कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंग गम खिलाई थी जिससे वह बेहोश हो गया और पूरी रात उन्हें संभालना पड़ा. अगली सुबह वह टीम बैठक में भी नहीं जा सका. उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों ने अपने साथी खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ खिलाने के लिये बाद में माफी मांगी, लेकिन टीम बैठक में तब ही उन्हें आगामी कैंप से बाहर रखने का फैसला सुना दिया गया था. यह भी पता चला है कि कोच क्रेग फुल्टोन की ओर से घटना की कोई लिखित रिपोर्ट हॉकी इंडिया को नहीं दी गई है.
वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते सीनियर खिलाड़ियों को आराम
राउरकेला में अगले महीने होने वाले प्रो लीग के आगामी सत्र के लिये हॉकी इंडिया ने बीते दिन संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की, जिसमें कोच ने कहा कि वर्कलोड मैनेजमेंट के लिये कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है. राउरकेला में 10 से 15 फरवरी तक होने वाले एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले एक से सात फरवरी तक यह शिविर आयोजित किया जाएगा.
मनप्रीत की सह कप्तानी में रांची रॉयल्स टीम हॉकी इंडिया लीग के फाइनल में पहुंची थी और टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भी काबिले तारीफ रहा, जिससे उन्हें बाहर किये जाने को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं. पूर्व भारतीय कप्तान मनप्रीत 15 सालों में पहली बार शिविर के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं बना पाए हैं.

