भारत के जाने-माने पोल वॉल्टर और मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीना और उनके टीममेट कुलदीप यादव पर रेलवे ने खेल का सामान ले जाने के लिए जुर्माना ठोक दिया. कोच टीटीई के सामने गिड़गिड़ाते हुए भी नजर आए. मामला महाराष्ट्र के पनवेल स्टेशन का है, जहां खिलाड़ी घंटों फंसे रहे और उससे भोपाल जाने वाली ट्रेन छूट गई, क्योंकि रेलवे अधिकारियों ने उनसे कोच के अंदर अपना सामान (पोल वॉल्ट) ले जाने के लिए जुर्माना भरने को कहा. टिकट चेक करने वालों ने उनके पोल वॉल्ट को स्टील के पाइप बताया. जबकि पोल हल्के फाइबर से बने होते हैं और हर पोल का वजन दो किलो होता है और उसका डाइमेंशन 5mx5mx61cm होता है.
लाखों रुपये के पोल
टॉइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार देव मीना ने बताया कि हमारी सात एथलीटों की टीम और हमारे कोच घनश्याम यादव ने मंगलुरु से पनवेल और फिर भोपाल के लिए वापसी के लिए दो ट्रेनों में टिकट बुक किए थे. हम अपने साथ कुल 10 नए पोल ले जा रहे थे, जिनमें से हर एक की कीमत 2 लाख रुपये थी. हम 17 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे पनवेल पहुंचे और हमारी अगली ट्रेन भोपाल के लिए दोपहर 3:50 बजे थी.
8000 रुपये का जुर्माना
उन्होंने आगे बताया कि जब वह वेटिंग रूम में बैठे थे, तो एक सीनियर ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) आए और उन्होंने उनसे उनके पोल्स के बारे में पूछा. उन लोगों ने TTE को बताया भी कि वह इंटरनेशनल एथलीट हैं और मंगलुरु में एक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन से लौट रहे हैं. इसके बाद एक और TTE भी आ गए और दोनों ने उनसे बिना बुक किए सामान (UBL) ले जाने के लिए 8000 रुपये का जुर्माना भरने को कहा. उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने TTE से बात की, लेकिन उन्होंने सुनने से मना कर दिया. TTE का कहना था कि 10 पोल का वजन लगभग 80 किलो है, लेकिन उनका कुल वजन 20 किलो ही था.
कोच ने जोड़े हाथ
स्टेशन पर प्लेयर्स को करीब घंटे इंतजार करवाया गया, जिससे उनकी ट्रेन छूट गई. नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीना ने आगे कहा कि TTE ने रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवानों को उन पर ये निगरानी रखने के लिए बुलाया कि वे बिना जुर्माना दिए न जाएं. उन्होंने आगे कहा कि उनके कोच ने बीच-बचाव किया और हाथ जोड़कर सभी को जाने देने की गुजारिश की, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए. इसके बाद रेलवे को 1865 रुपये जुर्माना दिया और RPF से उन्होंने अपना सामान छुड़वाया. इसके बाद उन्होंने भोपाल के लिए दूसरी ट्रेन में टिकट बुक की, जो शाम को रवाना हुई, जिसके कारण टीम के सभी सदस्यों को ज़्यादा पैसे देने पड़े.

