अगले महीने जापान की मेजबानी में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच होने वाले एशियन गेम्स में 492 भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेगी. इन खिलाड़ियों के नामों पर मुहर लग गई है. जापान जाने वाले भारतीय दल में वो खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो पिछले एडिशन में चीन की घटिया हरकत के चलते हिस्सा नहीं ले पाई थी, मगर अब जापान में वह इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.
न्येमन वांगसु का सफर
न्येमन वांगसु ने 2013 में कोच मैबम प्रेमचंद्र सिंह की देखरेख में वुशु की ट्रेनिंग शुरू की थी. ट्रेनिंग के शुरुआती दिनों से लेकर इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचने के उनके सफर में ज़बरदस्त लगन, अनुशासन, हिम्मत और खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अटूट कमिटमेंट देखने को मिला है.नेशनल गेम्स में तीन बार गोल्ड मेडल जीतने वाली इस खिलाड़ी के नाम कई मेडल हैं.नेशनल लेवल पर उन्होंने गुजरात (2022), गोवा (2023) और उत्तराखंड (2025) में लगातार तीन नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीते.
सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में उन्होंने 2019 से अब तक कम से कम 17 गोल्ड मेडल जीते हैं.इसके अलावा उन्होंने 2023 और 2025 में चंडीगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया विमेंस लीग में एक-एक गोल्ड मेडल जीता.इंटरनेशनल लेवल पर उन्होंने 2022 में मॉस्को वुशु स्टार्स में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल, 2023 में दो ब्रॉन्ज मेडल और 2025 में तीन सिल्वर मेडल जीते. वांगसु ने 2024 में मकाऊ, चीन में हुई 10वीं एशियन वुशु चैंपियनशिप में छठा स्थान, 2025 में ब्राज़ील में हुई 17वीं वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में सातवां स्थान और 2023 में USA में हुई चैंपियनशिप के 16वें एडिशन में दसवां स्थान हासिल किया.उन्होंने 2023 में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए भी क्वालिफ़ाई किया.




