पीवी सिंधु का वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में सफर क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया. वह छठे मेडल से एक कदम दूर रह गई. सिंधु को नौवीं वरीयता वाली पुट्री कुसुमा वरदानी ने 14-21 21-13 16-21 से मात दी. दोनों के बीच 64 मिनट तक मुकाबला चला. सिंधु ने 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी और कुल पांच बार यहां मेडल हासिल किया. छठे मेडल की कोशिश इंडोनेशियाई खिलाड़ी के आगे दम तोड़ गई.
सिंधु से पहले मिश्रित युगल में तनिषा क्रेस्टो और ध्रुव कपिल की जोड़ी को भी क्वार्टर फाइनल में हार मिली. उन्हें वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नंबर की मलेशियाई जोड़ी चेन टेंग जी और टो ई वेई ने 15-21 13-21 से हराया. इससे पहले भारत का पहली बार मिश्रित युगल में मेडल जीतने का सपना अधूरा रह गया.
सिंधु का वर्ल्ड चैंपियनशिप में कमाल का रिकॉर्ड
30 साल की सिंधु सबसे ज्यादा बार वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली भारतीय हैं. उन्होंने 2012 में कांस्य जीता था. इसके एक साल बाद कोपेनहेगन में फिर से कांसा लिया. 2017 में ग्लास्गो में खेले गए इवेंट में उन्हें फाइनल में हार मिली. 2018 में भी ऐसा ही हुआ. लेकिन 2019 में बासेल में सिंधु ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. सिंधु को 2022 के बाद से जूझना पड़ रहा है. उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड और सिंगापुर ओपन जीता था. इसके बाद से कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली. पेरिस ओलिंपिक 2024 में मेडल नहीं मिला जिससे पदकों की तिकड़ी पूरी नहीं हुई. उन्होंने 2016 रियो और 2020 टोक्यो ओलिंपिक में मेडल जीते थे.
सिंधु-वरदानी के मैच में क्या हुआ
सिंधु का इस मुकाबले से पहले वरदानी के सामने 2-2 का रिकॉर्ड था. वर्ल्ड चैंपियनशिप मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी अहम मौकों पर चूक गई. उनकी तुलना में इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने गजब का संयम दिखाया और अपना पहला मेडल तय किया. पहले गेम में वरदानी ब्रेक तक 11-7 से आगे थी. इसके बाद उन्होंने सिंधु को कोई मौका नहीं दिया और 21-14 से पहला गेम अपने नाम किया. दूसरे गेम में सिंधु रंग में दिखी. उन्होंने 4-2 के स्कोर से जल्द ही 16-6 की बढ़त ली और 21-13 से गेम जीतकर बराबरी कर ली.