दिग्गज बैडमिंटन ख‍िलाड़ी ने 32 की उम्र में लिया संन्यास, इमोशनल वीडियो शेयर कर कहा- मैं अपने शरीर को खतरे में नहीं डालना चाहती

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

 2016 र‍ियो ओलिंपिक के फाइनल में कैरोलिना मार‍िन ने पीवी सिंधु को हराया था. (PC: Getty)
2016 र‍ियो ओलिंपिक के फाइनल में कैरोलिना मार‍िन ने पीवी सिंधु को हराया था. (PC: Getty)

Story Highlights:

कैरोलिना मारिन 66 सप्ताह तक दुनिया की नंबर एक बैडमिंटन ख‍िलाड़ी रही थीं.

उन्होंने तीन विश्व चैंपियनशिप, सात यूरोपीय खिताब और 2016 ओलिंपिक गोल्ड जीता.

दिग्गज बैडमिंटन ख‍िलाड़ी कैरोलिना मारिन ने अपने करियर को अलविदा कह दिया है. उन्हें महज 32 साल की उम्र में मजबूरन यह फैसला लेना पड़ा. घुटने की चोट से लंबे समय तक परेशान रहने के बाद उन्होंने अपने पेशेवर करियर से संन्यास लेने की घोषणा की. 2016 में पीवी सिंधु को हराकर ओलिंपिक गोल्ड जीतने वाली मार‍िन तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन भी हैं. मारिन ने सोशल मीडिया पर इमोशनल वीडियो मैसेज शेयर कहा कि मेरा सफर यहीं समाप्त होता है. 

पीवी सिंधु के साथ कई यादगार मुकाबले

32 साल की इस स्टार खिलाड़ी का इस खेल में सबसे शानदार करियर रहा है. उन्होंने 2009 में इंटरनेशनल लेवल पर डेब्यू किया था और जल्द ही एक दमदार खिलाड़ी बन गईं. उन्होंने 66 हफ़्तों तक विश्व की नंबर एक खिलाड़ी के तौर पर बैडमिंटन जगत पर राज किया. अपने 15 साल के लंबे इंटरनेशनल करियर में उन्होंने एशियाई वर्चस्व को चुनौती दी. भारत की दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के साथ कई यादगार मुकाबले खेले. उन्होंने रियो 2016 ओलिंपिक और 2018 विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में सिंधु को हराया था. उनके करियर में 2014, 2015 और 2018 में विश्व चैंपियनशिप, सात यूरोपीय खिताब और 2016 ओलिंपिक गोल्ड मेडल शामिल हैं. 

पेरिस 2024 ओलिंपिक में कोर्ट पर आख‍िरी बार 

मारिन आख‍िरी बार पेरिस 2024 ओलिंपिक में कोर्ट पर नजर आई थीं, जो दो गंभीर एसीएल चोटों के बाद उनकी शानदार वापसी थी. वह हुएल्वा में आयोजित होने वाले आगामी यूरोपीय चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगी, लेकिन अपने शहर के सम्मान में वहां उपस्थित रहेंगी. उन्होंने कहा कि मैं हुएल्वा में रैकेट हाथ में नहीं लूंगी, लेकिन अपनी ऊर्जा शहर को लौटाते हुए संन्यास लूंगी. 

मारिन ने अपने खेल जीवन पर गर्व जताते हुए कहा कि मुझे खेल जगत में अपनी सभी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है.  न केवल खिताबों के लिए, बल्कि मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह सम्मान हासिल करने के लिए भी.