एशियन पैरा गेम्स में तीन बार गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के स्टार खिलाड़ी नीरज यादव ने सुसाइड कर लिया है. मंगलवार रात एक फ्लैट में कथित तौर पर उन्होंने आत्महत्या कर ली. उनके इस कदम से खेल की पूरी दुनिया हैरान है. खिलाड़ी भी काफी सदमे में हैं. F55 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा में कई उपलब्धियां हासिल कर चुके 42 साल के नीरज ने जहर खाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली. उनकी डेडबॉडी को बुधवार को दिल्ली के GTB अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पैरालिंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और उनके साथी पैरा-एथलीट विपिन कसाना अस्पताल में मौजूद थे. नीरज यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी पता नहीं चल पाया है. हालांकि ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि हाल में आइची नागोया में हुए एशियन गेम्स में ना खेल पाने के कारण वह काफी निराश थे. डोपिंग के कारण सस्पेंड होने के कारण वह इन खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे.
एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा ना ले पाने के कारण तनाव
कोच ने बताया कि डोपिंग के कारण सस्पेंड होने की वजह से आइची -नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में हिस्सा ना ले पाने के कारण नीरज शायद मानसिक तनाव में रहे होंगे. हालांकि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है. उन्होंने आगे कहा कि नीरज इन खेलों में हिस्सा लेने के लिए काफी उत्साहित रहे होंगे. एशियन पैरा खेलों में पदक जीतने पर सरकार की ओर से बड़ी नकद इनामी राशि मिल सकती है और स्थायी रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं, लेकिन उनका निलंबन खत्म नहीं हुआ था. इसलिए वह इन खेलों में हिस्सा नहीं ले सके सत्यनारायण ने आगे कहा कि हो सकता है कि इस बात का उन पर गहरा असर पड़ा हो, लेकिन हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि वह किस दौर से गुजर रहे थे.
भारत के बेहतरीन पैरा-एथलीटों में से एक
उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज भारत के बेहतरीन पैरा-एथलीटों में से एक थे. सात साल की उम्र में उन्हें 'पोस्ट-पोलियो रेसिडुअल पैरालिसिस' (पोलियो के बाद होने वाला लकवा) का पता चला, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने खेल के सपनों को नहीं छोड़ा और अपने सपने को पूरा करने के लिए जी जान लगा दी. पैरा-एथलेटिक्स में आने से पहले वह 2005 से 2012 के बीच व्हीलचेयर टेनिस खेले थे. उनके करियर में बड़ा मोड़ 2015 की दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स मीट में आया, जहां उन्होंने शॉट पुट, जैवलिन (भाला फेंक) और डिस्कस थ्रो (चक्र फेंक) स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते.
एशियन गेम्स में तीन मेडल
नीरज ने 2018 में जकार्ता में हुए एशियन पैरा गेम्स में इंटरनेशनल स्तर पर अपनी पहचान बनाई. उन्होंने पुरुषों की F55 जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में 29.84 मीटर की दूरी तय करके एशियन रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल जीता. इस प्रदर्शन से वह पूरी दुनिया में छा गए. इसके बाद 2023 में हांगझोऊ एशियन पैरा खेलों में उन्होंने जैवलिन और डिस्कस थ्रो (चक्र फेंक) दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते, जिससे एशियाई पैरा खेलों में उनके कुल स्वर्ण पदकों की संख्या तीन हो गई. उन्होंने जैवलिन में लगातार दो बार गोल्ड पर कब्जा जमाया.
पीएम मोदी ने बताया था सच्चा चैंपियन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नीरज यादव के प्रदर्शन को कई बार सराह चुके थे. उन्होंने उनके प्रदर्शन की काफी तारीफ की थी. जिसमे विशेष रूप से हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई पैरा गेम्स का प्रदर्शन शामिल है. प्रधानमंत्री ने नीरज को सच्चा चैंपियन बताते हुए उनके समर्पण और प्रयासों की सराहना की थी.
नीरज यादव की उपलब्धियां
नीरज के करियर की उपलब्धियां की बात करें तो एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियां रही. 2018 में एक गोल्ड तो 2022 में उन्होंने गोल्ड जीते थे. जैवलिन में तो उन्होंने अपने दबदबे को बनाए रखा था.
एशियन पैरा गेम्स 2022- दो गोल्ड मेडल
- जैवलिन थ्रो F55: 33.69 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया.
- डिस्कस थ्रो F54/55/56: नीरज ने 38.56 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल जीता.
एशियन पैरा गेम्स 2018- गोल्ड मेडल
- पुरुषों की जैवलिन थ्रो F55 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता.
- 29.84 मीटर के थ्रो के साथ एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
Marrakech पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्री 2022
- मोरक्को में डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल
- राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ जीत दर्ज की.
Fazza वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्री 2021
- डिस्कस थ्रो F55 में स्वर्ण पदक
- 35.49 मीटर का प्रदर्शन किया



