भारत की युवा ग्रैंडमास्टर आर. वैशाली ने इतिहास रच दिया है. साइप्रस में खेले गए 2026 महिला कैंडिडेट्स चेस टूर्नामेंट को जीतकर वैशाली ने इसी साल होने वाली महिला वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप में अपना स्थान पक्का कर लिया है. इसके साथ ही वह वर्ल्ड टाइटल के लिए चुनौती देने वाली भारत की दूसरी महिला बन गई हैं. उनसे पहले कोनेरू हम्पी ने 2011 में यह उपलब्धि हासिल की थी.
सफ़ेद मोहरों से जीती बाजी
बिबिसारा के ड्रॉ खेलने के बाद मुकाबला पूरी तरह वैशाली के हाथ में आ गया. सफ़ेद मोहरों से खेलते हुए वैशाली ने शानदार रणनीति अपनाई और लागनो को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. वैशाली ने कुल 8.5 अंक हासिल किए और बिबिसारा से आधा अंक आगे रहते हुए रोमांचक अंदाज में टूर्नामेंट जीता.
पैट कमिंस हैदराबाद के लिए मैदान में इस सीजन कब करेंगे वापसी? खुद दी बड़ी अपडेट
वर्ल्ड चैंपियनशिप में किससे होगा सामना?
वैशाली अब जू वेनजुन को चुनौती देंगी, जो मौजूदा महिला विश्व चैंपियन हैं. गौरतलब है कि वैशाली के भाई आर. प्रगनानंद भी भारत के प्रमुख शतरंज खिलाड़ियों में शामिल हैं, हालांकि इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा और वह 14 मैचों में एक जीत के साथ सातवें स्थान पर रहे. वैशाली की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह टूर्नामेंट की सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ी थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने चैंपियन बनने तक का सफर तय किया.

