पेरिस। विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज पोलैंड की इगा स्वियातेक (Iga Swiatek) ने गुरूवार को रूस की दारिया कसातकिना (Daria Kasatkina) को हराकर फ्रेंच ओपन (French Open) टेनिस ग्रैंडस्लैम के महिला सिंगल्स फाइनल में प्रवेश किया जिसमें उनका सामना अमेरिका की 18 वर्षीय कोको गॉफ (Coco Gauff) से होगा. शीर्ष वरीय स्वियातेक दूसरी बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची हैं जबकि 18वीं वरीयता प्राप्त कोको का यह पहला ग्रैंडस्लैम फाइनल होगा. स्वियातेक ने सेमीफाइनल में 20वीं रैंकिंग की कसातकिना पर 6-2, 6-1 से जीत दर्ज की जिससे उन्होंने लगातार 34 मैचों में जीत हासिल की.
कोको पहली बार खेलेंगी फाइनल
स्वियातेक ने 22 विनर लगाए जबकि कसातकिना केवल 10 विनर लगा पाईं. स्वियातेक की ‘अनफोर्स्ड’ गलतियां 13 रहीं. कोको गॉफ ने दूसरे सेमीफाइनल में इटली की मार्टिना ट्रेविसान पर 6-3, 6-1 से जीत दर्ज कर शनिवार को होने वाले फाइनल में जगह बनाई. स्वियातेक ने 2020 में फ्रेंच ओपन का खिताब हासिल किया था और अब उनकी कोशिश लाल बजरी पर दूसरा खिताब हासिल करने की होगी.
बोपन्ना का टूटा सपना
वहीं भारत के रोहन बोपन्ना और नीदरलैंड के उनके जोड़ीदार मात्वे मिडेलकूप गुरुवार को सेमीफाइनल में मार्सेलो अरेवालो और जीन जूलियन रोजर के खिलाफ दो मैच प्वाइंट बचाने के बावजूद शिकस्त के साथ फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष डबल्स से बाहर हो गए. पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाली बोपन्ना और मिडेलकूप की 16वीं वरीय जोड़ी को अल सलवाडोर और नीदरलैंड की 12वीं वरीय जोड़ी के खिलाफ दो घंटे और सात मिनट चले मुकाबले में 6-4, 3-6, 6-7 (8-10) से शिकस्त झेलनी पड़ी. अमेरिकी ओपन 2013 के फाइनल में लिएंडर पेस की खिताब जीत के बाद से कोई भारतीय ग्रैंडस्लैम पुरुष डबल्स फाइनल का हिस्सा नहीं रहा है और बोपन्ना यह उपलब्धि हासिल करने वाला नौ साल में पहला खिलाड़ी बनने के लिए चुनौती पेश कर रहे थे.

