विंबलडन 2026 चल रहा और क्वार्टर फाइनल स्टेज तक पहुंच चुका है. इस टूर्नामेंट में हर साल 500 के करीब खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं. लंदन में होने वाले विंबलडन में खेलने वाले खिलाड़ी होटल्स की जगह लग्जरी घरों को तवज्जो देते हैं. इसकी एक खास वजह है. जिस जगह पर यह इवेंट होता है वह लंदन के दक्षिणी हिस्से में हैं और इसके पास में बहुत कम होटल हैं. फिर दूसरी जगहों पर होटल में रहने पर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है. इन सबसे बचने के लिए बड़े खिलाड़ी ऑल इंग्लैंड क्लब के पास में ही घरों को किराए पर ले लेते हैं.
खिलाड़ी लग्जरी होटलों पर पैसा खर्च करने की जगह स्टेडियम के पास ही घरों पर रहना पसंद करते हैं. अब जिन घरों को किराए पर लेते हैं उनकी कहानी भी दिलचस्प है. ऑल इंग्लैंड क्लब के पास रहने वाले लोग इस इवेंट के दौरान घरों को खाली कर दूसरी जगह रहने चले जाते हैं. वे इसके जरिए कमाई करते हैं. हर साल जून महीने के दौरान वे ऐसा करते हैं. इस कदम के जरिए उन्हें आर्थिक तौर पर फायदा भी होता है.
विंबलडन के दौरान रुकने पर कितना पैसा खर्च करते हैं खिलाड़ी
टेनिस खिलाड़ी विंबलडन के दौरान रहने के लिए मोटा पैसा खर्च करते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार 15 दिन के किराए पर खिलाड़ी 19 से 60 लाख रुपये तक खर्च कर देते हैं. किराया घर के आकार पर निर्भर करता है. पांच बैड रूम के लग्जरी घर का किराया 15 दिन के लिए 19 से 38 लाख रुपये के बीच रहता है. वहीं मेंशन का किराया 60 लाख रुपये से ऊपर जाता है. इमें प्राइवेट जिम और बाकी सुविधाएं भी रहती हैं. नोवाक जोकोविच, कार्लोस अल्कराज, अरिना सबालेंका जैसे टॉप खिलाड़ी इसी तरह के घर किराए पर लेते हैं. इनके वे अपने साथ शेफ, फिजियो और कोचेज को भी रखते हैं.
इस तरह के खेल विंबलडन स्टेडियम के काफी पास होते हैं. इनसे खेलने के लिए पहुंचने में पैदल चलने पर भी पांच से सात मिनट लगते हैं. कई खिलाड़ी टूर्नामेंट में अपने सफर के हिसाब से घरों का चुनाव करते हैं. घर उपलब्ध कराने में मदद करने वाले एजेंट्स का कहना है कि जब कोई खिलाड़ी जीत जाता है या टूर्नामेंट में लंबा टिकता है तब वह अगले साल वहीं रुकना चाहता है. जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता वे फिर उस घर में नहीं रहना चाहते हैं.




