विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स रेस में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया हैं.तमिलनाडु की 28 साल की ट्रैक एंड फील्ड एथलीट ने 54.75 सेकंड के अपने अब तक के सबसे अच्छे समय के साथ दौड़ पूरी की और पोडियम पर जगह बनाई. हालांकि वह महज 0.44 सेकंड के अंतर से गोल्ड से चूक गईं.UAE की मरियम करीम ने 54.31 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि कजाकस्तान की एडेलीना ज़ेम्स 54.58 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. भारत की अनु राघवन भी फाइनल में शामिल थीं और वह 55.88 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं. रामराज ने 2022 एशियन गेम्स में भी इसी इवेंट में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
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पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर हर्डल रेस में पीटी उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया है.वह लंबे समय से इस रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रही थीं और पिछली बार एशियन गेम्स में उन्होंने इसकी बराबरी की थी.उन्होंने 54.75 सेकंड का समय लेकर उषा के 55.42 सेकंड के रिकॉर्ड को तोड़ा और मेडल जीता.
32 साल में पहली बार भारत को कोई मेडल नहीं
एशियन गेम्स में महिलाओं के डिस्कस थ्रो इवेंट में 32 साल में पहली बार भारत को कोई मेडल नहीं मिला.सीमा कालीरमाना ने 59.88 मीटर का अपना बेस्ट थ्रो (PB) किया, लेकिन उनका यह थ्रो उन्हें पोडियम तक पहुंचाने के लिए काफी नहीं था.वह चौथे स्थान पर रहीं.इससे पहले 1994 में हिरोशिमा एशियन गेम्स में भारत इस इवेंट में पोडियम तक पहुंच नहीं पाया था, क्योंकि पोडियम पर पहुंचने वाली तीनों खिलाड़ियों का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 60 मीटर से अधिक था. इस इवेंट में हिस्सा लेने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी सान्या यादव ने 49.90 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवें और आखिरी
स्थान पर रहीं.
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