भारत के असिस्टेंट कोच रयान टेन डसखाटे ने गुरुवार को कहा कि ऋषभ पंत को मैच की स्थितियों के हिसाब से अपनी बैटिंग में बदलाव करने की ज़रूरत है. साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि टेस्ट टीम की उप-कप्तानी छिन जाने से विकेटकीपर-बल्लेबाज पंत को कोई दिक्कत नहीं है. छह जून से शुरू हो रहे अफगानिस्तान के खिलाफ भारत के एकमात्र टेस्ट मैच से पहले गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में डसखाटे ने किसी औपचारिक पद के बिना भी लीडरशिप की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि पंत का ध्यान खेल की स्थिति के आधार पर सही फैसले लेने पर होना चाहिए.
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उन्होंने कहा कि लीडर बनने के लिए आपको किसी औपचारिक पद की जरूरत नहीं होती. हमें बस उनसे यह उम्मीद है कि वह हालात के हिसाब से अपने खेल में थोड़ा बदलाव करें. कभी कभी मुझे लगता है कि अगर वह अपने खेल को थोड़ा और बेहतर बनाकर परिस्थितियों के हिसाब से खेल सके, तो मुझे लगता है कि आप उन्हें इस पर काम करते हुए देखेंगे. ऋषभ को लेकर कोई चिंता नहीं है.
पंत को कोई शिकायत नहीं
पिछले महीने जब BCCI ने अफगानिस्तान टेस्ट के लिए टीम का ऐलान किया था, तब पंत को भारत की टेस्ट उप-कप्तानी से हटा दिया गया था. इस फ़ैसले पर बात करते हुए डसखाटे ने कहा कि पंत ने बिना किसी शिकायत के इस फैसले को मान लिया. उन्होंने कहा कि
उप-कप्तान के पद से हटाए जाने पर ऋषभ को कोई शिकायत नहीं है.
पंत ने 49 टेस्ट मैचों में 42.91 की औसत से 3,476 रन बनाए हैं. जहां एक तरफ उनके आक्रामक खेल की वजह से भारत को मैच जीतने में मदद मिली है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें कई बार बेवजह के जोखिम उठाने और लापरवाही करने के लिए आलोचना का भी सामना करना पड़ा है. भारत में साउथ अफ़्रीका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में इस विकेटकीपर-बल्लेबाज का प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा था. उन्होंने 12.25 की औसत से सिर्फ़ 49 रन बनाए.
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