नई दिल्ली। भारत के पूर्व अंडर -19 कप्तान उन्मुक्त चंद ने बिग बैश लीग (बीबीएल) के पूरे सीजन में कोई मौका नहीं मिलने पर अपने फ्रेंचाइजी मेलबर्न रेनेगेडस के नराजगी जताई है. दिल्ली में जन्में उन्मुक्त चंद ने 2012 में अंडर -19 वर्ल्ड कप में भारत को सफलता दिलाई थी. इन्हें भारत का अगला चमकता सितारा माना जाता था. जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर वह अमेरिका क्रिकेट खेलने गए और वहीं से बीबीएल की तरफ उन्होंने रुख किया. जिसके चलते बीबीएल में चयनित होने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बने थे. ऐसे में खेलने का मौका न मिलने पर उन्होंने कहा कि ये ऐसा था कि जैसे मेरी छुट्टियां चल रही हों.
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चंद ने बीबीएल में खेलने का मौक़ा न मिलने पर नाराजगी जताते हुए ट्वीटर पर लिखा, "ये मेरे लिए एक छुट्टियों जैसा समय रहा. शुक्रिया मेलबर्न! मालुम हो कि 28 वर्षीय उन्मुक्त चंद बीबीएल में अपने करियर को फिर से शुरू करने के लिए तैयार थे, लेकिन उन्हें मौका ही नहीं मिला. सिडनी सिक्सर्स के खिलाफ रेनेगेडस के पिछले मैच में मनेजमैंट ने सिर्फ एक विदेशी खिलाड़ी जहीर खान के साथ खेलने का फैसला लिया. फ्रेंचाइजी ने उनपर भरोसा नहीं जताया जिसके चलते वह बीबीएल में अभी तक डेब्यू नहीं कर सके हैं.
सिर्फ तीन मैच जीती मेलबर्न
गौरतलब है कि 2018-19 की बीबीएल चैंपियन मेलबर्न रेनेगेडस को इस सीजन में मुश्किल हो रही है क्योंकि टीम पूरे लीग सिर्फ तीन जीत के साथ टेबल पर नीचे से तीसरे यानि 6वें पायदान पर रही. मेलबर्न रेनेगेडस ने सिडनी सिक्सर्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में 151 रनों का पीछा करते हुए 17 ही ओवर में सिर्फ 105 रन पर ऑल आउट हो गई थी. इस हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने का सपना भी समाप्त हो गया. मेलबर्न की टीम ने अभी तक 11 में से सिर्फ 3 मैच ही जीती हैं.
अभी भी चंद को मिल सकता है मौका
बता दें कि चंद ने साल 2012 में अंडर-19 टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में खिताब जिताया था. जिसके बाद वह अपनी फॉर्म को जारी नहीं रख सके. इसके चलते उन्हें भारत से खेलना का मौका नहीं मिला और अब वह संन्यास लेकर अमेरिका में अपना क्रिकेट भविष्य आजामा रहे हैं. इसी बीच बीबीएल में डेब्यू का मौका न मिलने पर उनकी नाराजगी सामने आई है. हालांकि उनकी फ्रेंचाईजी मेलबर्न के तीन मैच बाकी है, जिसमें उन्हें खेलने का मौका मिल सकता है.
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