पाकिस्तान के क्रिकेटर अहमद शहजाद ने बीसीसीआई पर बड़ा आरोप लगाया है. शहजाद ने कहा कि बीसीसीआई यहां आईसीसी को भारतीय खिलाड़ियों पर डोप टेस्ट करने के लिए रोक रही है. शहजाद ने कहा कि, बीसीसीआई अब खुद क्रिकेटर्स का टेस्ट करती है. उन्होंने आगे कहा कि, आईसीसी जिस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है उसपर बीसीसीआई को भरोसा नहीं है.
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शहजाद का बयान वायरल
शहजाद ने ऐसे वक्त में ये बयान दिया है जब टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई है. शहजाद ने कहा कि, आईसीसी हर क्रिकेट टीम का डोप टेस्ट करती है. लेकिन भारतीय क्रिकेटर्स का नहीं. उनका खुद का बोर्ड ये करता है. भारतीयों को बाहरी टेक्नोलॉजी पर भरोसा नहीं है. उनके पास खुद की बेहतरीन टेक्नोलॉजी है. इसलिए वो ये कहते हैं कि हम अपने खिलाड़ियों का खुद ही डोप टेस्ट करेंगे.
बता दें कि आईसीसी सख्त तरीके से डोपिंग करता है. ये सबकुछ वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी पर निर्भर है जिसे वाडा कहते हैं. वाडा ने साल 2006 में हर खिलाड़ी के लिए ये तय कर दिया था. वाडा का कहना था कि वो क्लीन स्पोर्ट करना चाहता है. बता दें कि अगर कोई खिलाड़ी इसमें फंसता है तो वो खुद इसका जिम्मेदार होता है.
आईसीसी कैसे करता है टेस्टिंग?
आईसीसी ने कहा कि, वो कभी भी किसी भी खिलाड़ी की टेस्टिंग कर सकता है. ये या तो टूर्नामेंट या फिर ट्रेनिंग कैंप के दौरान हो सकता है. सर्टिफाइड डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर्स ब्लड और यूरीन सैंपल इक्ट्ठा करते हैं और फिर उसे वाडा के लैब्स में भेजते हैं. ये सैंपल ए और बी बॉटल में रखा जाता है.
अगर प्लेयर ए का सैंपल टेस्ट पॉजिटिव आता है तो उसे सस्पेंड किया जाता है. इसके बाद वो बी सैंपल के लिए भी गुजारिश कर सकता है. लेकिन अगर ये सैंपल भी पॉजिटिव आता है तो फिर उसके हर क्रिकेटिंग एक्टिविटी पर बैन लग जाता है.
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