ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 से तीन दिन पहले हैरेसमेंट का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि बार-बार उनके कोच को हटाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है. लवलीना बोरगोहेन ने ट्वीट कर बॉक्सिंग फेडरेशन पर ये आरोप लगाए हैं. उन्होंने लिखा है कि जिन कोच की मदद से वह ओलिंपिक में मेडल जीत पाईं उन्हें ही बार-बार हटा दिया जाता है. इससे उनकी तैयारी पर असर पड़ता है. लवलीना का कहना है कि कुछ महीने पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में खराब प्रदर्शन की भी यही वजह रही थी.
ADVERTISEMENT
लवलीना को कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हिस्सा लेना है और वह भारत की तरफ से पदक की बड़ी दावेदार हैं. उन्होंने साल 2021 में ओलिंपिक में 69 किलो स्पर्धा में कांस्य जीता था. कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में उन्हें महिला बॉक्सिंग की 70 किलो स्पर्धा में हिस्सा लेना है. लवलीना का पहला मुकाबला 30 जुलाई को खेला जाना है. इससे ठीक छह दिन पहले उन्होंने कोच के मसले पर बॉक्सिंग फेडरेशन को घेरा है. उनका कहना है कि कोच के मसले पर परेशान किए जाने की वजह से ही वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई. इस साल वह शुरुआती राउंड में ही इस टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. इससे पहले दो बार उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे.
लवलीना ने क्या आरोप लगाए
लवलीना ने अपना बयान ट्वीट किया. इसके साथ हाथ जोड़ने की इमोजी पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, 'आज मैं बड़े दुख के साथ कहती हूं मुझे बहुत ज्यादा परेशान किया जा रहा है. हर बार मेरे कोच जिन्होंने मुझे ओलिंपिक में मेडल लाने में मदद की, उन्हें बार बार हटा कर मेरी ट्रेनिंग प्रोसेस और मुकाबले को खराब किया जा रहा है. इनमें से एक कोच संध्या गुरूंग जी द्रोणाचार्य पुरस्कार भी पा चुके हैं. मेरे दोनों कोच को हजार बार हाथ जोड़ने के बाद ही कैंप में आने दिया जाता है. दोनों को काफी देर बाद शामिल किया जाता है. मुझे इससे ट्रेनिंग में काफी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है. मानिसक तौर पर मुझे काफी ज्यादा परेशानी होगी. अभी मेरे कोच संध्या गुरूंग जी कॉमनवेल्थ गांव के बाहर हैं और उन्हें एंट्री नहीं मिल पा रही है.'
उन्होंने आगे लिखा, 'ये सबकुछ मेरे ट्रेनिंग प्रोसेस गेम्स के ठीक 8 दिन पहले किया जा रहा है. मेरे दूसरे कोच को भी भारत वापस भेज दिया गया है. मेरे काफी विनती के बाद भी मेरे साथ ये किया गया है. मानसिक तौर पर मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं गेम पर कैसे फोकस करूं. इसके चलते मेरी आखिरी वर्ल्ड चैंपियनशिप भी खराब हुई थी. और इस राजनीति के चलते अब मैं अपना CWG खराब नहीं करना चाहती. आशा करती हूं कि मेरे देश के लिए इस राजनीति को तोड़ मेडल लेकर आऊं. जय हिंद.'
बॉक्सिंग फेडरेशन ने क्या कहा
लवलीना के आरोपों पर बॉक्सिंग फेडरेशन के सूत्रों ने बताया कि किसी भी बॉक्सर को अलग से स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच नहीं दिया गया है. वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन को भी यह सुविधा नहीं मिली है. साथ ही लवलीना की कोच औऱ स्ट्रेंथ व कंडीशनिंग कोच आयरलैंड में आयोजित ट्रेनिंग कैंप तक उनके साथ थे. उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए लवलीना के साथ भेजा गया था. फेडरेशन का कहना है कि 12 बॉक्सर्स की टीम के साथ आठ सदस्यों का सपोर्ट स्टाफ भेजा गया है जबकि इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन ने तो सपोर्ट स्टाफ में कोच समेत तीन या चार लोगों को ही रखने को कहा था.
वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद क्या बोली थीं लवलीना
वर्ल्ड चैंपियनशिप हारने के बाद लवलीना ने कहा था, ‘मेरी तैयारी (विश्व चैंपियनशिप के लिए) इतनी अच्छी नहीं थी. ओलिंपिक के बाद बहुत सी चीजें बदल गई हैं. मुझे कई चीजों को समय देना था, प्रतिबद्धताओं को पूरा करना था.’ उनका इशारा कोचिंग में बदलाव और टोक्यो की कामयाबी के बाद हुए कार्यक्रमों व समारोहों की तरफ था.
ADVERTISEMENT










